एकतरफा प्यार में डेढ़ साल के मासूम की हत्या, 40 दिन में आया फैसला; दरिंदे को सुनाई गई फांसी की सजा

एकतरफा प्यार में डेढ़ साल के मासूम की हत्या, 40 दिन में आया फैसला; दरिंदे को सुनाई गई फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। यह घटना शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एकतरफा प्यार की सनक में मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

40 दिनों के भीतर अदालत ने सुनवाई पूरी

इस मामले की सबसे खास बात यह रही कि वारदात के सिर्फ 40 दिनों के भीतर अदालत ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया। इस त्वरित फैसले को न्याय व्यवस्था का अहम उदाहरण माना जा रहा है।

फिरोजाबाद पुलिस ने तेजी से काम किया

इस जघन्य हत्याकांड के बाद फिरोजाबाद पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता और तेजी से काम किया. पुलिस ने वारदात के महज 6 दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी थी. पुलिस की इस गंभीर और मजबूत पैरवी के चलते केस का ट्रायल रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ। अदालत में कुल 13 गवाहों की गवाही और पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों को पेश किया गया, जिसके आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए मौत की सजा का ऐलान किया.

आपको बता दें कि यह घटना शिकोहाबाद क्षेत्र में बीते 30 मई को घटित हुई थी. पिंकी देवी की पुत्री रति का अपनी ससुराल बदायूं में विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह अपने डेढ़ साल के बेटे आरव के साथ मायके में रह रही थी. 30 मई को रति शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में अपनी मां की सहेली के घर आई हुई थी. तभी वहां रति की फुफुआ सास का बेटा विराज उर्फ जितेंद्र पाठक पहुंच गया. आरोपी जितेंद्र पहले से ही रति पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन रति ने उसे मना कर दिया था. 

इसी बात की रंजिश में आरोपी ने मासूम आरव को चॉकलेट दिलाने का बहाना बनाया और घर के बाहर ले गया. इसके बाद उसने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के मासूम को बीच सड़क पर पत्थरों पर पटक-पटक कर मार डाला और फरार हो गया. इसके बाद में पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान इसे गिरफ्तार किया था.

वहीं शुक्रवार को जब इस केस में सजा का एलान होना था, तो कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इसे ‘रैरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभ से दुर्लभतम) मामला मानते हुए हत्यारे जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई.

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *