सरायकेला-खरसावां। उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं (LS) ने आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां संचालित सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा और स्वच्छता का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार वितरण, विद्यालय पूर्व शिक्षा गतिविधियां, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों का संधारण, आधारभूत सुविधाएं तथा केंद्रों के नियमित संचालन का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पोषण ट्रैकर और ग्रोथ मॉनिटरिंग पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान सेविकाओं एवं सहायिकाओं को पोषण ट्रैकर पर बच्चों की नियमित ग्रोथ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने, प्रत्येक बच्चे की लंबाई और वजन का समयबद्ध मापन करने तथा सभी आंकड़ों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
साथ ही कुपोषित एवं अति कुपोषित (SAM/MAM) बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक पोषण परामर्श, उपचार और जरूरत पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेवाओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
अधिकारियों ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के नियमित अनुश्रवण, पोषण एवं स्वास्थ्य परामर्श, बच्चों के समय पर टीकाकरण तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम पर विशेष बल दिया। इसके अलावा केंद्रों में स्वच्छ वातावरण, प्रभावी प्री-स्कूल शिक्षा गतिविधियों और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।
DSWO को नियमित समीक्षा के निर्देश
उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) को आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित समीक्षा करने, लाभुकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की निगरानी रखने तथा निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

जिला प्रशासन ने बताया कि सभी पात्र लाभुकों तक महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।

