मानसून की पहली बारिश में डूबा धनबाद, कई इलाकों में जलजमाव से जनजीवन प्रभावित

मानसून की पहली बारिश में डूबा धनबाद, कई इलाकों में जलजमाव से जनजीवन प्रभावित

धनबाद: मानसून की पहली तेज बारिश ने धनबाद नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी। सोमवार को हुई बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात भी प्रभावित रहा और कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।


शहर के कई प्रमुख इलाके बने जलमग्न

बारिश के बाद धनबाद रेलवे स्टेशन के दक्षिणी छोर, लुबी सर्कुलर रोड, नगर निगम कार्यालय के आसपास, धनबाद क्लब के सामने समेत कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। जलजमाव के कारण पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब जाने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।


जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है। उनका आरोप है कि नालियों की समय पर सफाई और ड्रेनेज सिस्टम का नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण थोड़ी देर की बारिश में भी सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। लोगों ने नगर निगम से जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्थायी समाधान की मांग की है।


विधायक राज सिन्हा ने सरकार और नगर निगम पर साधा निशाना

धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि शहर में जल निकासी की समस्या वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में धनबाद के विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार और नगर निगम की उदासीनता के कारण योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी कई बार उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।


स्थायी समाधान की मांग तेज

समाजसेवी सुभाष रवानी ने कहा कि यह तो बारिश की शुरुआत है और पहली ही तेज बारिश में शहर के कई महत्वपूर्ण इलाके जलमग्न हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने नगर निगम और राज्य सरकार से ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।

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