देशभर में परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने छात्रों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “बच्चों के खून से जन्मदिन का केक मत सजाइए।”
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक, सीबीएसई के OSM सिस्टम से जुड़े विवाद और शिक्षा व्यवस्था की अन्य कथित खामियों ने लाखों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। आंदोलनकारियों का दावा है कि परीक्षा से जुड़े तनाव और अनिश्चितता के कारण अब तक 18 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है। इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन जारी है।
महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज तीन करोड़ से अधिक छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन उनके लिए कोई आवाज उठाने वाला नहीं है।‘ उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र सड़कों पर न्याय की मांग कर रहे थे, तब सत्ता में बैठे लोग जन्मदिन की शुभकामनाएं देने में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है।
‘बच्चों के खून से जन्मदिन का केक मत सजाइए’
टीएमसी सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से 26 जून को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, ‘जन्मदिन मनाइए, लेकिन हमारे बच्चों के खून से जन्मदिन का केक मत सजाइए। आपको ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। युवाओं के संघर्ष और बलिदान पर अपनी खुशियां मत सजाइए।’
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यह लड़ाई आपको खुद लड़नी होगी
महुआ मोइत्रा ने कहा कि यह संघर्ष केवल सांसदों या राजनीतिक दलों के भरोसे नहीं जीता जा सकता। उन्होंने छात्रों से आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने की अपील करते हुए कहा, ‘यह लड़ाई आपको खुद लड़नी होगी। हमारे माता-पिता ने अपने बच्चों को इंजीनियर और डॉक्टर बनाने का सपना देखा था, लेकिन पिछले 12 से 14 वर्षों में वह सपना भी टूटता नजर आ रहा है।’
टीएमसी सांसद ने छात्रों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए किसान आंदोलन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि किसानों ने डेढ़ साल तक शांतिपूर्ण आंदोलन किया और आखिरकार सरकार को अपने फैसले वापस लेने पड़े।
‘आपकी पहचान सिर्फ हिंदुस्तानी है’
महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उन्हें कम्युनिस्ट, मार्क्सवादी, कन्हैया कुमार समर्थक, महुआ मोइत्रा समर्थक या राष्ट्रविरोधी जैसे तमाम नामों से पुकारा जाएगा, लेकिन इन तमाम लेबलों को नजरअंदाज करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘आपकी सिर्फ एक पहचान है कि आप हिंदुस्तानी हैं और भारत के लिए खड़े हैं।’ अपने संबोधन का समापन उन्होंने फैज अहमद फैज की मशहूर नज्म ‘हम देखेंगे’ की पंक्तियों से किया।
आपको बता दें कि उन्होंने ‘एक्स’ पर अपने भाषण का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि ‘धर्मेंद्र प्रधान का जन्मदिन का केक हमारे बच्चों के खून से नहीं बन सकता। आपको किसी लेबल की जरूरत नहीं, आपकी पहचान सिर्फ हिंदुस्तानी है।‘ वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी सोशल मीडिया पर महुआ मोइत्रा का आभार जताते हुए कहा कि उनके प्रेरक शब्दों ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी।

