स्कूल से निलंबन के बाद नदी में डूबने से तीन छात्रों की मौत, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर उठाए सवाल

स्कूल से निलंबन के बाद नदी में डूबने से तीन छात्रों की मौत, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल के आसनसोल के कुलटी थाना क्षेत्र में तीन छात्रों की नदी में डूबने से हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि छात्रों को निलंबित करने से पहले अभिभावकों को सूचना दी जाती या उन्हें स्कूल से सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था की जाती, तो यह दुखद हादसा टाला जा सकता था। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

मुहर्रम के बाद स्कूल पहुंचने पर छात्रों को किया गया निलंबित

जानकारी के अनुसार, मुहर्रम के अगले दिन कुछ छात्र स्कूल नहीं पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि जब छात्र सोमवार को नियामतपुर के नूर नगर स्थित पीस पब्लिक स्कूल पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन ने आठ छात्रों को 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया और उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

परिजनों का यह भी दावा है कि छात्रों को लंबे समय तक स्कूल के बाहर इंतजार कराया गया, जबकि अभिभावकों को न तो बुलाया गया और न ही निलंबन की पूर्व सूचना दी गई। कुछ छात्र बाद में अपने घर लौट गए, लेकिन तीन छात्र दूसरी दिशा में चले गए।

नदी में नहाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

बताया जा रहा है कि तीनों छात्र डिसेरगढ़ नदी घाट पहुंचे, जहां नहाने के दौरान वे गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर बचाव प्रयास किए गए, लेकिन तीनों की जान नहीं बचाई जा सकी। मृत छात्रों की पहचान कुलटोड़ा निवासी अयन अख्तर, सौदागर मोहल्ला निवासी प्रिंस और नूर नगर निवासी फैजान अंसारी के रूप में हुई है। घटना के बाद तीनों परिवारों में शोक का माहौल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

परिजनों ने स्कूल प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल

मृतकों के परिजनों का आरोप है कि यदि स्कूल प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले अभिभावकों को बुलाया होता या छात्रों को अकेला बाहर न छोड़ा होता, तो यह हादसा नहीं होता। उन्होंने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में स्कूल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रों को निलंबित करने की प्रक्रिया किस आधार पर अपनाई गई थी।

स्कूल के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मृतकों के परिजन स्कूल के बाहर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने तीनों छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा यह जांच शुरू कर दी है कि पूरे घटनाक्रम में किसी स्तर पर प्रक्रियागत लापरवाही या अन्य कारण तो जिम्मेदार नहीं रहे।

छात्रों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता की जरूरत

यह घटना स्कूलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अभिभावकों को समय पर सूचना देना, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और परिजन निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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