कोर्ट में पेश होंगे दोनों आरोपी, पुलिस बढ़ा सकती है हिरासत
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में सोमवार का दिन जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मामले के दोनों मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को पुणे ग्रामीण अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस जांच के कई पहलुओं के अधूरे होने का हवाला देते हुए दोनों आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
उदयपुर यात्रा को लेकर नया विवाद
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कथित घटना से करीब एक महीने पहले सिया गोयल उदयपुर गई थीं। रिपोर्टों में दावा किया गया कि उनके साथ चेतन चौधरी भी था। हालांकि, सिया की मां ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी बेटी अपनी एक दोस्त की शादी में शामिल होने गई थी और चेतन उसके साथ नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि सिया ने पहले ही केतन अग्रवाल को बता दिया था कि चेतन उसका दोस्त है।
पुलिस इन दावों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर कर रही है।
क्राइम सीन रीक्रिएशन से जोड़ रही है जांच की कड़ियां
इस मामले में लोनावाला पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएशन करा चुकी है। जांच टीम ने घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने का प्रयास किया, जहां से केतन अग्रवाल के खाई में गिरने की बात सामने आई है।
अब पुलिस दूसरे आरोपी चेतन चौधरी के साथ भी घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने की तैयारी कर रही है। यदि दोनों आरोपियों के बयानों में कोई विरोधाभास मिलता है तो पुलिस दोनों को एक साथ घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का मिलान कर सकती है।
डिजिटल सबूत और कैब ड्राइवर का बयान बने अहम कड़ी
जांच के दौरान कई नए पहलू सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी ने कथित घटना वाले दिन कई घंटों तक अपने मोबाइल का इंटरनेट बंद रखा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह कदम डिजिटल ट्रैकिंग से बचने के उद्देश्य से उठाया गया था।
वहीं, केतन और सिया को मुंबई एयरपोर्ट छोड़ने वाले कैब ड्राइवर के बयान ने भी जांच को नया मोड़ दिया है। ड्राइवर के अनुसार, यात्रा के दौरान सिया ने एक्सप्रेसवे पर गाड़ी रुकवाई और डिक्की से कुछ सामान निकाला। पुलिस इस बयान को केतन के कथित रूप से गायब हुए पासपोर्ट और यात्रा की योजना से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि, इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बचाव पक्ष ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल
सिया गोयल के वकील ने पुलिस के कई दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आरोपों को अदालत में साक्ष्यों के आधार पर साबित करना होगा। उन्होंने पुलिस हिरासत बढ़ाने का भी विरोध किया और कहा कि उनकी मुवक्किल ने जांच में पूरा सहयोग किया है।
फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। पुलिस विभिन्न तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, जबकि अदालत में सुनवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। ऐसे में इस बहुचर्चित हत्याकांड में आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है।

