जन्मभूमि पहुंचकर मंदिर में किया पूजन
सीवान। पूर्व विधायक कुंती सिंह अपने पौत्र सूर्यांश और सूर्यार्थ के मुंडन संस्कार के बाद शनिवार को अपनी जन्मस्थली पतार गांव पहुंचीं। इस अवसर पर उनके साथ बड़ी बहू एवं झरिया विधायक रागिनी सिंह, छोटी बहू मिनी सिद्धार्थ गौतम तथा बड़ी पुत्री किरण सिंह भी मौजूद रहीं। गांव पहुंचने के बाद परिवार ने स्थानीय मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान झरिया, कोयलांचल और प्रदेश के लोगों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई।
ग्रामीणों और परिजनों से की आत्मीय मुलाकात
पूजा-अर्चना के बाद पूर्व विधायक कुंती सिंह अपने पैतृक आवास पहुंचीं, जहां उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया और परिवार के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया। गांव में इस दौरान आत्मीय माहौल देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने परिवार के साथ समय बिताया और शुभकामनाएं दीं।
जन्मभूमि से जुड़ी यादें कीं साझा
पूर्व विधायक कुंती सिंह ने अपनी जन्मस्थली से जुड़े पुराने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जन्मभूमि और पारिवारिक संस्कार व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। उन्होंने कहा कि अपने गांव और लोगों से जुड़ाव हमेशा विशेष भावनात्मक महत्व रखता है।
रागिनी सिंह ने बताया परंपराओं का महत्व
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि पारिवारिक और धार्मिक परंपराएं समाज में प्रेम, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर परिवार को एकजुट रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं।

