महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर लीक होने के बाद रविवार को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी गई है। बताया गया कि पेपर परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक हो गया था। इस परीक्षा में करीब 6 लाख अभ्यर्थियों को शामिल होना था। मामले में पुलिस ने बिहार और हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से परीक्षा के असली प्रश्नपत्र की प्रतियां भी बरामद की गई हैं। मामले की जांच जारी है।
मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन
जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। लीक के स्रोत का पता लगाने और इस रैकेट के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को अलग-अलग राज्यों में भेजा गया है, पुलिस ने बताया कि 27 जून को ठाणे जिले के भिवंडी के डीसीपी पवन बंसोड़ को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग टीईटी का प्रश्नपत्र बेचने की साजिश रच रहे हैं। सूचना पर छापा मारकर पुलिस ने प्रश्नपत्रों की कई प्रतियां बरामद कीं। पूरी जांच-पड़ताल के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि संदिग्धों के पास मिले प्रश्नपत्र वास्तव में 28 जून की परीक्षा के असली प्रश्नपत्र ही हैं।
पेपर लीक से छिड़ा सियासी घमासान
TET पेपर लीक होने से राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पेपर लीक को बेहद शर्मनाक बताया। कहा कि इसकी पूरी निष्पक्षता और सख्ती से जांच की जाएगी।
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ धोखाधड़ी करार दिया। पोस्ट में उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को उगाही का जरिया बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित महसूस कर रहा है।शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने के बजाय भाजपा को बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने पर ध्यान देना चाहिए था।
