आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत बाराबनी थाना पुलिस ने चुनाव बाद हिंसा और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बाराबनी पंचायत समिति के सभापति असित सिंह और उनके भाई विश्वजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। विश्वजीत सिंह बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के पानुड़िया ग्राम पंचायत के उपप्रधान भी हैं। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कई गंभीर आरोपों में हुई गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के खिलाफ चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा, धमकी देने, मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों से संबंधित शिकायतें दर्ज थीं। इन्हीं मामलों की जांच के दौरान बाराबनी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया।
हालांकि पुलिस की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि दर्ज मामलों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अदालत में किया जाएगा पेश
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आसनसोल अदालत में पेश किए जाने की तैयारी की गई। अदालत में पुलिस उनकी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि दर्ज मामलों में आगे की पूछताछ और जांच की जा सके।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और समर्थकों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।
चुनाव बाद हिंसा के मामलों पर पुलिस की नजर
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा से जुड़े मामलों को लेकर समय-समय पर पुलिस कार्रवाई करती रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी शिकायत की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाराबनी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस संबंधित मामलों के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
जांच जारी, आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश पर
फिलहाल दोनों गिरफ्तार नेताओं को न्यायालय में पेश किया जाना है, जहां अदालत के निर्देश के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस गिरफ्तारी के बाद बाराबनी और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर अदालत की सुनवाई और पुलिस जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

