भारतीय सेना में स्वदेशी डिजिटल की एंट्री को लेकर बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। सेना ने Zoho कॉर्पोरेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे भारत के जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन मिशन (JAI) के अनुरूप स्वदेशी डिजिटल बदलाव को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय सेना और जोहो के बीच हुए MoU पर लेफ्टिनेंट जनरल हर्ष छिब्बर (DGIS) और जोहो कॉर्पोरेशन के इंजीनियरिंग के डायरेक्टर राजेंद्रन डंडापानी ने हस्ताक्षर किए हैं। इस दौरान जोहो कॉर्पोरेशन के फाउंडर श्रीधर वेम्बू भी मौजूद रहे हैं।
- भारतीय सेना में एप्लीकेशन-ओरिएंटेड रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देना
- सुरक्षित और टिकाऊ डिजिटल समाधान विकसित करना
- टेक्नोलॉजी पर आधारित स्किल्स को बेहतर बनाना
- सेना को भविष्य के लिए तैयार करना भी है मकसद
- डिजिटल रूप से सशक्त बल में बदलाव की प्रक्रिया तेज हो

जोहो (Zoho) भारत की एक प्रमुख मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी है। ये कंपनी क्लाउड-आधारित बिजनेस सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन बनाती है। इसकी स्थापना 1996 में श्रीधर वेम्बु (Sridhar Vembu) और टोनी थॉमस ने की थी। हाल ही में अमेरिका के साथ भारत के रिश्तों में आई कुछ खटास के बाद यह सवाल उठने लगे थे कि अगर गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां अचानक भारत में अपनी सर्विसेज बंद कर देती हैं तो इसका विकल्प क्या होगा।

