कोलकाता: राज्य सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दाशगुप्ता ने घोषणा की कि अब राज्य कर्मचारियों को कुल 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे पहले उन्हें 18 प्रतिशत डीए का लाभ मिल रहा था।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा फायदा
डीए में बढ़ोतरी के इस फैसले से राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षाकर्मी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि महंगाई के बढ़ते प्रभाव और कर्मचारियों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की मेहनत और प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी अहम भूमिका को देखते हुए सरकार ने वित्तीय दबाव के बावजूद उनके हितों को प्राथमिकता दी है।
लंबे समय से चल रही थी मांग
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारियों के डीए में अंतर को लेकर कई बार विरोध और आंदोलन भी हुए थे। ऐसे में बजट में की गई यह घोषणा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
वेतन और पेंशन में होगा इजाफा
डीए बढ़ने के बाद सरकारी कर्मचारियों के मासिक वेतन में बढ़ोतरी होगी। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, हालांकि कुछ संगठनों ने अभी भी केंद्र सरकार के बराबर डीए देने की मांग दोहराई है।
विधानसभा में गूंजा समर्थन
वित्त मंत्री की घोषणा के बाद विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने मेज थपथपाकर फैसले का स्वागत किया। विपक्ष ने भी डीए बढ़ोतरी का समर्थन किया, लेकिन पुराने बकाया और अन्य लंबित मांगों को लेकर चर्चा की जरूरत बताई।
अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा असर
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि महंगाई भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक गति मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लंबे समय से चल रहे डीए विवाद के बीच यह फैसला आने वाले समय में राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक कदम साबित हो सकता है।

