सुभासपा में सब ठीक नहीं? अरुण राजभर के बयान ने बढ़ाई पार्टी में टूट की चर्चाएं

सुभासपा में सब ठीक नहीं? अरुण राजभर के बयान ने बढ़ाई पार्टी में टूट की चर्चाएं

उत्तर प्रदेश में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर इन दिनों समाजवादी पार्टी पर लगातार हमलावर हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि यूपी में सपा को तोड़ने के लिए 23 सांसद उनके माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संपर्क में हैं। वहीं अब एक डिबेट के दौरान उनके बेटे अरुण राजभर के बयान के बाद सुभासपा में संभावित टूट की चर्चाओं को और बल मिल गया है।

दरअसल अरुण राजभर ने डिबेट में सपा पर हमला करते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी के शिवपाल सिंह यादव जब अखिलेश यादव की पार्टी में नहीं थे. आज की तारीख में शिवपाल यादव खुद ही बीजेपी से बातें कर रहे हैं. अब उन्हें दाल नहीं मिल पा रही है. न ही मौका मिल पा रहा है तो वह भी क्या करें.” डिबेट के दौरान ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर समाजवादी पार्टी के इतिहास पर जमकर हमला बोल रहे थे. इस बीच उनसे सवाल किया गया, “विधानसभा में आपके कितने विधायक हैं?” इस पर अरुण राजभर ने बताया कि उनके 7 विधायक हैं.

वहीं फिर उनसे पूछा, “इनमें से कितने विधायक सपा का झंडा लगाकर घूमते हैं?” जिस पर अरुण राजभर ने कहा, “7 विधायकों में से तीन विधायक सपा का झंडा लगाकर घूमते हैं यह तो पहले से ही कहा जाता रहा है.” जिस पर अरुण राजभर से पत्रकार ने कहा, “आपकी पार्टी तो खुद ही टूट गई है बता रहे हो.”

उन्होंने आगे कहा, “इसमें एक तो मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी हैं जो सुभासपा का झंडा नहीं लगाते हैं. अब ओमप्रकाश और बेदीराम बचे बस बाकी आपके 4 विधायक सपा में चले गए.” इस पर अरुण राजभर ने इनकार कर दिया और अपनी सफाई पेश करना शुरू कर दी.

उन्होंने कहा, “पार्टी टूटना किसको कहते हैं क्या इन लोगों ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया.” पत्रकार ने आगे अरुण राजभर से कहा, “ओम प्रकाश राजभर ने खुद यह बात कही थी कि जगदीश नारायण राय से वे बहुत नाराज हैं.”

अरुण राजभर ने कहा, “ये बात तो सही है कि वे जब से जी रहे तब से चल रहे हैं. ये बात सबको पता है कि 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने सुनियोजित तरीके से हमारे यहां कैंडिडेट भेजा था कि यह अगर जीतेंगे तो मेरे पास रहेंगे.”

सुभासपा के विलय को लेकर बड़ा दावा

डिबेट में बहस के बीच बड़ा दावा भी किया गया, कहा गया कि आपकी पार्टी के दो तिहाई विधायक अखिलेश यादव के पास हैं. अखिलेश यादव जब चाहें आपकी पार्टी का अपने यहां मर्जर कर सकते हैं.” इस पर अरुण ने कहा कि नहीं वह कुछ नहीं कर सकते हैं. 

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