Maithon News: जलाशय में बड़ा नाव हादसा टला, 14 पर्यटकों की जान बची, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Maithon News: जलाशय में बड़ा नाव हादसा टला, 14 पर्यटकों की जान बची, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Maithon News: जलाशय में बड़ा नाव हादसा टला, 14 पर्यटकों की जान बची, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मैथन: राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल मैथन जलाशय में मंगलवार को एक बड़ा नाव हादसा होते-होते टल गया। पर्यटकों से भरी एक नाव जलाशय के बीच चट्टान से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन स्थानीय नाव चालकों की तत्परता और साहस से सभी 14 पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद एक बार फिर मैथन में पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

चट्टान से टकराई पर्यटकों से भरी नाव

स्थानीय और पुलिस सूत्रों के अनुसार, ‘मजूमदार निवास’ के नीचे स्थित नाव विहार घाट से बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित 14 पर्यटक नाव से सबुज द्वीप घूमने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि जलाशय में पानी का स्तर सामान्य से कम होने के कारण द्वीप के समीप पानी के भीतर मौजूद एक बड़ी चट्टान से नाव टकरा गई। टक्कर के बाद नाव के निचले हिस्से को नुकसान पहुंचा और उसमें पानी भरने लगा। स्थिति बिगड़ते देख नाव में सवार पर्यटक घबरा गए और मदद के लिए आवाज लगाने लगे।

देवदूत बनकर पहुंचे स्थानीय नाव चालक

पर्यटकों की चीख-पुकार सुनकर बाबू घाट क्षेत्र में मौजूद अन्य नाव चालक तत्काल बचाव के लिए घटनास्थल की ओर रवाना हुए।nबचाव कार्य में शामिल नाव चालकों ने पर्यटकों को शांत रखा और सावधानीपूर्वक एक-एक कर सभी यात्रियों को दूसरी नावों में स्थानांतरित किया। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की बदौलत सभी 14 पर्यटकों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने मैथन में नाव संचालन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट के उपयोग को हमेशा सख्ती से लागू नहीं किया जाता। साथ ही इतने बड़े पर्यटन केंद्र में स्थायी लाइफ गार्ड या समर्पित बचाव दल की अनुपस्थिति भी चिंता का विषय है।

सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग

स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने प्रशासन से मांग की है कि मैथन जलाशय में स्थायी लाइफ गार्ड और आपदा प्रबंधन दल की तैनाती की जाए। साथ ही जल स्तर कम होने की स्थिति में खतरनाक मार्गों और चट्टानों को चिह्नित कर नाव परिचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। घटना में सभी पर्यटकों के सुरक्षित बच जाने से राहत जरूर मिली है, लेकिन इसने पर्यटन सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

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