धनबाद: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा संगठन में अनुशासनहीनता और आपसी मतभेदों की जांच एवं समाधान के लिए गठित जांच समिति ने स्पष्ट किया है कि धनबाद कांग्रेस में किसी प्रकार का बड़ा विवाद नहीं है। समिति ने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगे।शनिवार को धनबाद परिसदन में जांच समिति के सदस्य सुरेंद्र सिंह और डॉ. एम. तौसीफ ने उन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जिन्होंने हाल ही में जिला कांग्रेस कमिटी में पदाधिकारी नहीं बनाए जाने को लेकर असंतोष व्यक्त किया था। समिति ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना और उनके सुझावों एवं शिकायतों पर चर्चा की।इससे पहले शुक्रवार को समिति ने जिला कांग्रेस कमिटी के नवनियुक्त पदाधिकारियों, विभिन्न मंच-मोर्चा संगठनों के अध्यक्षों, प्रखंड एवं नगर कांग्रेस अध्यक्षों समेत सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मुलाकात कर संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझने का प्रयास किया।
दो दिनों तक चले विचार-विमर्श और संवाद के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के सदस्यों ने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं और भावनाएं थीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक संगठन है, जहां हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संगठन और पार्टी का हित सर्वोपरि है।
समिति ने बताया कि सभी पक्षों ने संगठनात्मक एकता बनाए रखने और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि धनबाद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करेंगे।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने भी संगठनात्मक एकता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी संवाद, सम्मान और सामूहिक नेतृत्व की परंपरा में विश्वास करती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत नाराजगी को भुलाकर पार्टी की विचारधारा और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रूप से कार्य करने की अपील की।प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस नेतृत्व ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि धनबाद जिला कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और संगठन की मजबूती के लिए सभी नेता एवं कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे।

