तृणमूल कांग्रेस ने सयानी घोष के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें टीएमसी यूथ के प्रेजिडेंट पद से हटा दिया है. सयानी के बागी सांसदों की लिस्ट में शामिल होने की चर्चा है. जहां एक तरफ टीएमसी में फूट पड़ी हुई है. सोमवार को पार्टी के बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करेंगे, तो वहीं, अब पार्टी ने बड़ा फेरबदल किया है. एक न्यूज एजेंसी ने बताया कि टीएमसी ने बताया कि अर्नब बनर्जी को राज्य के तृणमूल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, तो वहीं कुणाल घोष को उत्तरी कोलकाता संगठनात्मक जिले का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. कुणाल ने नॉर्थ कोलकाता ऑर्गेनाइज़ेशनल डिस्ट्रिक्ट के प्रेसिडेंट पद के लिए MP सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह ली है.
इधर, बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही टीएमसी के भीतर आंतरिक कलह मची हुई है. यह थमने का नाम नहीं ले रही है. पार्टी पहले ही राज्य विधानसभा में अपने संसदीय दल पर कंट्रोल खो चुकी है. लोकसभा में भी बगावत के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं.
1 जून को लोकसभा में टीएमसी सांसदों के एक बड़े वर्ग ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जाहिर किया था. उसी दिन, जब ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी दिल्ली में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल थे, तब लोकसभा में टीएमसी सांसदों के बीच विभाजन की खबरें सामने आई थीं.
वर्किंग कमिटी की बैठक में क्या हुआ था?
बता दें कि TMC प्रमुख ममता बनर्जी के घर पर वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी. सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. इसलिए दो पद खाली हो गए. सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और एक और व्यक्ति, जो दूसरी तरफ चले गए हैं और अलग गुट बना रहे हैं, उन्हें वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है. सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक को वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया है. सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह कुणाल घोष को कोलकाता उत्तर का अध्यक्ष बनाया गया है. सायनी घोष को तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है.

