धनबाद: कोयला नगरी के रूप में प्रसिद्ध धनबाद अब पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। गोविंदपुर प्रखंड के सोनरिया स्थित ऐतिहासिक काजू बागान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह पहल न केवल जिले की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।बरवाअड्डा से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित यह काजू बागान प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने पहुंचते हैं। ब्रिटिश काल में लगाए गए हजारों काजू के पेड़ों वाला यह बागान समय के साथ सिमटकर सैकड़ों पेड़ों तक रह गया है, लेकिन इसकी प्राकृतिक खूबसूरती आज भी लोगों को आकर्षित करती है।वन विभाग और जिला प्रशासन इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर लाने की दिशा में काम कर रहे हैं। डीएफओ विकास पालीवाल ने बताया कि काजू के विपणन को बढ़ावा देने तथा सीएसआर के तहत प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।वहीं उपायुक्त आदित्य रंजन ने जानकारी दी कि जिला पर्यटन प्रोत्साहन परिषद (डीटीपीसी) की बैठक में सोनरिया काजू बागान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। योजना को मंजूरी मिलने के बाद यहां बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है।प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर सोनरिया का काजू बागान आने वाले समय में धनबाद की नई पर्यटन पहचान बन सकता है।
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धनबाद का ऐतिहासिक काजू बागान बनेगा पर्यटन हब, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

