पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून(monsoon) ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को मॉनसून उत्तर बंगाल के अधिकांश हिस्सों में पहुंच गया, जिससे क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर मॉनसून कोलकाता बाकी हिस्सों को भी कवर कर सकता है। इससे भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मॉनसून कलिम्पोंग, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जबकि जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग के अधिकांश हिस्सों में भी इसकी पहुंच हो गई है। इसके प्रभाव से बंगाल (bengalweather) के शेष क्षेत्रों के साथ-साथ झारखंड, बिहार और ओडिशा के बाकी हिस्सों में भी जल्द मॉनसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह के अंत तक मॉनसून के दक्षिण बंगाल में पहुंचने की संभावना है। हालांकि मॉनसून की दस्तक से पहले मंगलवार को कोलकाता और दक्षिण बंगाल के अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी और उमस का असर बना रहा। कोलकाता (kolkata) में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सापेक्ष आर्द्रता 89 प्रतिशत तक पहुंच गई।
क्या है मॉनसून की स्थिति ?
उत्तर बंगाल के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून पहुंचा।
दक्षिण बंगाल में सप्ताहांत तक मॉनसून आने की संभावना।
कोलकाता में तापमान 35°C और आर्द्रता 89% दर्ज।
अगले 3-4 दिनों तक मौसम में आएगा बदलाव।
बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन उमस बनी रह सकती है।
आपको बता दें कि इस बीच पूर्वी और पश्चिमी बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्वी मिदनापुर के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक इन क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश, गरज और तेज हवाओं की संभावना जताई है। आरएमसी के मौसम वैज्ञानिक सौरिश बंद्योपाध्याय ने कहा कि बारिश से अस्थायी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन अधिक नमी के कारण उमस बनी रह सकती है। साथ ही वातावरण में बढ़ती नमी आंधी-तूफान की स्थितियों को भी अनुकूल बना सकती है।

