20 हजार बच्चों के शोर से गूंजा वानखेड़े, रिलायंस फाउंडेशन का ESA मैच बना खुशियों का मैदान…

20 हजार बच्चों के शोर से गूंजा वानखेड़े, रिलायंस फाउंडेशन का ESA मैच बना खुशियों का मैदान…

• पहली बार 100 दृष्टिबाधित बच्चे भी पहुंचे मुंबई इंडियंस का मैच देखने
• 550 बसें, 92 हजार फूड बॉक्स और 2400 से ज्यादा वॉलंटियर्स जुटे
• पिछले 16 वर्षों में रिलायंस फाउंडेशन 2.9 करोड़ से ज्यादा बच्चों तक पहुंचा

मुंबई(MUMBAI): वानखेड़े स्टेडियम में रविवार को सिर्फ क्रिकेट का रोमांच नहीं था, बल्कि 20 हजार से ज्यादा बच्चों की आवाज़, उत्साह और मुस्कान ने पूरे माहौल को खास बना दिया। मुंबई इंडियंस के वार्षिक Education and Sports for All (ESA) मैच में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से आए बच्चों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का लाइव मुकाबला देखा। यह आयोजन मुंबई इंडियंस और रिलायंस फाउंडेशन की साझेदारी में किया गया।

पहली बार 100 दृष्टिबाधित बच्चे अपने ‘हियरिंग बडीज़’ के साथ मैच देखने पहुंचे। इसके अलावा 200 से ज्यादा विशेष रूप से सक्षम बच्चे भी इस अनुभव का हिस्सा बने। बच्चे मुंबई के अलावा सतारा, नासिक, इगतपुरी और दूर-दराज़ के कई इलाकों से आए थे।

रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी ने कहा कि बच्चों की खुशी और उत्साह इस दिन को खास बना देता है। उन्होंने कहा कि ESA की शुरुआत 16 साल पहले हुई थी और इसमें समावेशन हमेशा से सबसे अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने दृष्टिबाधित बच्चों का जिक्र करते हुए कहा, “मैं उम्मीद करती हूं कि ये बच्चे यहां से बहुत सारी खूबसूरत यादें लेकर जाएं।”

इस बड़े आयोजन के लिए भी व्यापक तैयारी की गई थी। बच्चों को लाने-ले जाने के लिए 550 से ज्यादा BEST बसें लगाई गईं। करीब 2400 वॉलंटियर्स, 100 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ, 92 हजार फूड बॉक्स और बड़ी ग्राउंड टीम पूरे दिन व्यवस्था संभालने में जुटी रही। वहीं मुंबई पुलिस ने 1000 से ज्यादा पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की थी।

ESA की शुरुआत इस सोच के साथ की गई थी कि खेल सिर्फ मैदान तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चों के लिए सीखने, प्रेरणा और नए अवसरों का जरिया बने। इसके तहत अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को खेल के बड़े मंच से जोड़ने और उन्हें प्रेरित करने का प्रयास किया जाता है।

पिछले 16 वर्षों में रिलायंस फाउंडेशन की खेल और शिक्षा से जुड़ी पहलों ने देशभर में 2.9 करोड़ से ज्यादा बच्चों और युवाओं तक पहुंच बनाई है।

NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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