धनबाद(DHANBAD): झारखंड के धनबाद कोयलांचल में सरकारी विभागों की स्थिति काफी हास्यास्पद नजर आ रही है। कभी कस्टडी में रखी शराब और गांजा चूहे खा जाते हैं, तो कभी कोई और लापरवाही सामने आ जाती है।
इस बार मामला जिला खनन विभाग से जुड़ा है। अवैध रूप से जमा किया गया कोयला, जिसे विभाग ने जब्त किया था, अब चोरी हो गया है।
कोयले की चोरी को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष ने रिपोर्ट मांगी, तब यह मामला उजागर हुआ। फिलहाल जिला परिषद के सवालों का जवाब जिला खनन पदाधिकारी के पास नहीं है।
यह है मामला
जिला खनन विभाग ने 3 जनवरी 2023 को बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के बड़ा पिछड़ी, कंचन टाकीज के पास स्थित एक चहारदीवारी के अंदर रखे 1030.95 टन अवैध कोयले को जब्त किया था। जब्ती के बाद सरकारी प्रावधानों के अनुसार इसकी मापी की गई और जब्ती प्रतिवेदन तैयार किया गया।
प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि जब्त कोयला स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि आशुतोष रजक की सुरक्षा में रख दिया गया। साथ ही यह शर्त भी रखी गई कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान आशुतोष रजक उक्त कोयला प्रस्तुत करेंगे या उसके बाजार मूल्य की राशि जमा करेंगे।
इस मामले में बरवाअड्डा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक राजीव रंजन को सौंपी गई। इसके बाद 25 फरवरी 2023 को राजीव रंजन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब्त 1030.95 टन कोयले में से केवल 30 टन ही शेष बचा है, जबकि बाकी 1000.95 टन कोयला चोरी हो गया। इस घटना को लेकर एक और प्राथमिकी दर्ज की गई।
अध्यक्ष ने मांगी रिपोर्ट तो हुआ खुलासा
इस मामले को लेकर जिला परिषद धनबाद की अध्यक्ष शारदा सिंह ने 11 अप्रैल 2026 को जिला खनन पदाधिकारी से जब्त कोयले की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी। इसके जवाब में जिला खनन विभाग ने स्वीकार किया कि जब्त कोयला चोरी हो गया है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि चोरी हुए कोयले की दोगुनी कीमत आशुतोष रजक द्वारा जमा की गई है या नहीं।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

