सरायकेला(JHARKHAND): SAAMAR/CMAM कार्यक्रम अंतर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों का समुदाय आधारित प्रबंधन एवं शिशु शक्ति A-THR के उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सरायकेला प्रखंड में आयोजित किया गया।
DSWO और CDPO की मौजूदगी में प्रशिक्षण:
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की उपस्थिति में प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य SAM यानी Severe Acute Malnutrition से ग्रसित बच्चों की समय पर पहचान और समुदाय स्तर पर उनका सही प्रबंधन करना है।
प्रशिक्षण में सेविकाओं को बताया गया कि शिशु शक्ति A-THR यानी Augmented Take Home Ration अति गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार पोषाहार है। इसमें प्रोटीन, कैलोरी और सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। सेविकाओं को इसकी सही डोज, वितरण प्रक्रिया और बच्चों को खिलाने का तरीका समझाया गया।
समुदाय आधारित प्रबंधन पर चर्चा… CMAM यानी Community Based Management of Acute Malnutrition के तहत सेविकाओं को घर-घर जाकर बच्चों की MUAC जांच, वजन-लंबाई मापने और SAM बच्चों को चिन्हित करने की प्रक्रिया सिखाई गई। गंभीर मामलों को NRC यानी पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर करने और हल्के मामलों का घर पर ही प्रबंधन करने पर जोर दिया गया।
DSWO ने कहा: जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा, कुपोषण मुक्त जिला बनाना हमारी प्राथमिकता है। SAAMAR कार्यक्रम से हम एक भी बच्चे को कुपोषण से मरने नहीं देंगे। सेविकाएं फील्ड की सबसे मजबूत कड़ी हैं। शिशु शक्ति A-THR का सही उपयोग और समय पर फॉलोअप से बच्चों की जान बचाई जा सकती है।
प्रशिक्षण में CDPO ने सेविकाओं से हर माह की रिपोर्ट समय पर देने और अभिभावकों को पोषण के प्रति जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम में सभी सुपरवाइजर और दर्जनों सेविकाएं मौजूद थीं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

