राँची(RANCHI): शहर की सड़कों पर दौड़ती कभी बस, तो कभी छोटी-सी स्कूली वैन, जिनमें ठूंस-ठूंस कर बच्चे बैठाये जाते, यह अच्छा संकेत नहीं, वहीं, यह खतरे की घंटी है। रांची(Ranchi) समाहरणालय के ‘B’ ब्लॉक, कक्ष संख्या 307 में आज हुई एक अहम बैठक में यह दर्द खुलकर सामने आया, झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन (JPA) ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने कड़ी चिंता जताई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने साफ शब्दों में कहा कि “बसों पर थोड़ी निगरानी है, लेकिन वैन तो जैसे कानून से आजाद घूम रही हैं और यही सबसे बड़ा खतरा बन गई हैं।”
ओवरलोडिंग इस कदर कि बच्चे सीट पर नहीं, एक-दूसरे पर टिके दिखते हैं। कई वैन बिना फिटनेस, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ रही है। सुरक्षा मानकों का नामोनिशान तक नहीं दिखता। अजय राय ने कहा कि ये सिर्फ लापरवाही नहीं, बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अजय राय ने कहा कि
जब तक वैन पर भी उतनी ही सख्ती नहीं होगी, तब तक बच्चों की सुरक्षा सिर्फ कागजों में ही रहेगी।
Ranchi पेरेंट्स एसोसिएशन के दमदार सुझाव
स्कूल वैन पर खास अभियानः बिना फिटनेस, बिना परमिट और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो।
हर वाहन की नियमित जांचः बस हो या वैन, वैध कागजात और फिटनेस अनिवार्य हो।
ड्राइवर-स्टाफ की जांच जरूरीः पुलिस वेरिफिकेशन और व्यवहार/ट्रेनिंग की समय-समय पर समीक्षा हो।
हर वाहन में सुरक्षा कवचः CCTV, GPS, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड किट, स्पीड गवर्नर अनिवार्य हो।
जिम्मेदार स्टाफ की मौजूदगीः हर स्कूली वाहन में एक जिम्मेदार व्यक्ति का होना जरूरी हो।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

