

जामताड़ा(JAMTADA): पृथ्वी दिवस के अवसर पर पाल बागान स्थित सृजन पब्लिक स्कूल में एक भव्य एवं जागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण के संदेश गूंजते रहे और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रार्थना सभा से हुई, जहाँ विद्यार्थियों ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। बच्चों ने अपने भाषणों के माध्यम से यह संदेश दिया कि यदि पृथ्वी सुरक्षित रहेगी तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा। इस दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित आकर्षक पोस्टर और स्लोगन तैयार किए गए। इन पोस्टरों में “पेड़ लगाओ, धरती बचाओ”, “जल है तो कल है” और “पृथ्वी है तो हम हैं” जैसे सशक्त संदेशों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया।
इसके पश्चात विद्यालय द्वारा एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली विद्यालय परिसर से निकलकर आसपास के क्षेत्रों तक पहुँची, जहाँ छात्रों ने नारे लगाकर आम जनमानस को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। रैली के दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था और स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लघु नाटिका के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण के दुष्परिणामों को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटिका में दिखाया गया कि किस प्रकार वनों की कटाई, जल प्रदूषण और प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से पृथ्वी संकट में पड़ रही है। साथ ही बच्चों ने यह भी संदेश दिया कि यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं।
विद्यालय में आयोजित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों—जैसे चित्रकला, भाषण, समूह चर्चा और अभिनय—ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील भी बनाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों में उत्साह और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
विद्यालय प्रबंधन ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना अनिवार्य है। विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना भी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मियों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने यह प्रतिज्ञा की कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे, जल और ऊर्जा की बचत करेंगे तथा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतों को अपनाएंगे।
इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण पूरी तरह हरित चेतना से सराबोर दिखाई दिया। बच्चों की रचनात्मकता, शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यालय प्रबंधन की सक्रियता ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

