देश की राजनीति में एक अहम बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महिला आरक्षण अधिनियम 2023 अब आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से इस कानून को प्रभावी घोषित कर दिया है।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि कानून लागू होने के बावजूद इसका असर तुरंत देखने को नहीं मिलेगा। सरकार के मुताबिक, इस आरक्षण को लागू करने के लिए पहले जनगणना और उसके बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इस बीच संसद का विशेष सत्र भी जारी है, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर गहन चर्चा हो रही है। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है, जिसमें 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
यह आरक्षण 15 वर्षों के लिए लागू रहेगा, जिसे संसद चाहे तो आगे बढ़ा भी सकती है। लेकिन फिलहाल स्पष्ट कर दिया गया है कि मौजूदा लोकसभा में इस कानून का फायदा नहीं मिलेगा।
यानी, भले ही महिला आरक्षण अधिनियम 2023 लागू हो चुका है, लेकिन असली बदलाव 2029 के बाद ही देखने को मिलेगा, जब नई जनगणना और परिसीमन के आधार पर सीटों का पुनर्गठन होगा।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

