परंपरा और आस्था का संगम: हाथी बांध से नोरोडीह तक गूँजे मां मंगला के जयकारे…

परंपरा और आस्था का संगम: हाथी बांध से नोरोडीह तक गूँजे मां मंगला के जयकारे…

सरायकेला(JHARKHAND): सरायकेला थाना के समक्ष स्थित ऐतिहासिक हाथी बांध तालाब मंगलवार को भक्ति के रंग में सराबोर रहा। यहाँ दलित समाज की महिलाओं ने कठिन निर्जला उपवास रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मां मंगला घट का शुभारंभ किया। इस अनुष्ठान के साथ ही क्षेत्र में चैत पर्व की श्रद्धापूर्ण शुरुआत हो गई है।

तालाब घाट पर पूजा के पश्चात, महिलाएं अपने सिर पर पवित्र जल से भरा ‘मंगला घट’ लेकर निकलीं। पारंपरिक गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते हुए यह यात्रा इंद्र टांडी के मुख्य मार्ग से गुजरी। श्रद्धालुओं ने झूमते हुए पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। यह यात्रा नोरोडीह गांव पहुँचकर संपन्न हुई।

नोरोडीह गांव पहुँचने पर पुजारी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां मंगला घट को घर के मंदिर में स्थापित किया गया। मां मंगला का आवाहन करते हुए विशेष पूजा की गई, जिसमें विश्व की सुख-शांति और समृद्धि की मंगल कामना की गई।
नया फल और सात्विक भोग
पूजा की विशेषता मां को अर्पित किए जाने वाले प्राकृतिक नैवेद्य रहे। इस अवसर पर मां मंगला को लड्डू का भोग लगाया गया।
मौसमी और जंगली नए फल-फूल, विशेष रूप से आम और केंदु अर्पित किए गए।
मान्यता है कि चैत के महीने में इन नए फलों के अर्पण से मां प्रसन्न होती हैं और क्षेत्र में खुशहाली आती है। घट स्थापना के बाद अब पूरे क्षेत्र में चैत पर्व के विभिन्न अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

NEWSANP के लिए अमित चौहान की रिपोर्ट

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