DESK: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Strait of Hormuz क्षेत्र में तनाव और Iran से जुड़े युद्ध हालात के कारण ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहे असर को देखते हुये सरकार ने केरोसिन (मिट्टी के तेल) की आपूर्ति(Kerosene Supply) आसान बनाने के लिये नियमों में अस्थायी ढील दे दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य उन इलाकों में लोगों को राहत देना है, जहां गैस या बिजली की पर्याप्त सुविधा नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में खाना बनाने और रोशनी के लिये केरोसिन तुरंत उपलब्ध कराया जा सकेगा।
Kerosene Supply बढ़ाने के लिए सरकार का कदम
केंद्र सरकार ने नियमित आवंटन के अलावा 48,000 किलोलीटर केरोसिन अतिरिक्त देने का फैसला किया है। इससे राज्यों को जरूरत के अनुसार तुरंत आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कदम खासतौर पर उन ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों के लिये अहम माना जा रहा है, जहां अभी भी लोग बड़े पैमाने पर केरोसिन पर निर्भर हैं। सरकार ने पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़े नियमों को अस्थायी रूप से सरल किया है। इसके तहत 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवश्यकता के अनुसार केरोसिन की आपूर्ति(Kerosene Supply) सुनिश्चित की जायेगी। राज्यों से कहा गया है कि वे अपने जिलों में ऐसे इलाकों की पहचान करें जहां केरोसिन की जरूरत ज्यादा है, ताकि सप्लाई सही जगह तक पहुंच सके।
Hormuz संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला
अब तक 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केरोसिन आवंटन से जुड़े आदेश जारी कर दिये हैं। हालांकि Himachal Pradesh और Ladakh ने फिलहाल अतिरिक्त केरोसिन की जरूरत नहीं होने की जानकारी दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को। इससे खाना बनाने और रोशनी से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलेगी और संभावित ऊर्जा संकट के असर को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुये अस्थायी तौर पर लागू की गई है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, नियमों को फिर से पहले जैसा किया जा सकता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

