DESK:सुप्रीम कोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी द्वारा हाल ही में अधिसूचित एक नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में दलील दी गई है कि नए नियम में जाति-आधारित भेदभाव की एक गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई गई है, जिसके चलते कुछ वर्गों को संस्थागत संरक्षण से बाहर रखा गया है।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वकील ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि यूजीसी द्वारा अधिसूचित नया नियम सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है।
वकील ने बताया कि यह मामला ‘राहुल दीवान एवं अन्य बनाम भारत सरकार’ से जुड़ा हुआ है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत को इस विषय की जानकारी है और इसमें मौजूद खामियों को दूर किया जाना आवश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

