DESK: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। बीजेपी मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ जांच पूरी हो जाने के बावजूद अब तक अभियोजन की मंजूरी न दिए जाने पर शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अगुवाई वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अगस्त 2025 में ही अपनी जांच पूरी कर ली थी और राज्य सरकार से केस चलाने की अनुमति मांगी थी। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
कोर्ट ने इस देरी को गंभीर बताते हुए कहा कि कानून के तहत सरकार की यह वैधानिक जिम्मेदारी है कि वह अभियोजन की अनुमति पर समयबद्ध निर्णय ले। सुनवाई के दौरान CJI ने तीखे शब्दों में पूछा,
“क्या हम यह सही समझ रहे हैं कि SIT ने राज्य सरकार से कार्रवाई की अनुमति मांगी है और सरकार अब तक इस पर चुप बैठी हुई है?”
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करती है और सरकार को अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करना होगा।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

