क्रिसमस डे अवसर पर कोलफील क्लासेस के बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से लोगों का दिल मोहित किया…

क्रिसमस डे अवसर पर कोलफील क्लासेस के बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से लोगों का दिल मोहित किया…

झरिया(JHARIA): झरिया के सामाजिक शैक्षिक एवं सामाजिक परियोजना कोलफील चिल्ड्रेन क्लासेज ( सीसीसी ) ने सृजनशीलता के चर्चा के क्रिसमस डे में खुशी और सुशासन दिवस पर अनुशासन के शिक्षा दिलाने लोक कला शैली से दीवार चित्रकला शिविर का आयोजन किया जहां 30 छात्र छात्राओं ने भाग लिया।

शिविर में झरिया कोयलांचल के बस्ताकोला 15 नंबर इलाका में छात्र छात्राओं ने कुछ आकर्षक वरली कोलरी लोककला शैली से चार दीवार चित्रकला बनाया। खुशी और अनुशासन में जीवन बिताने के सामाजिक संदेश दिया।

क्रिसमस डे अवसर पर जेनेवा के प्रोफेसर सल्वाटोर फ्रांसिना तरफ से 30 बच्चों को केक खिलाने के साथ साथ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी के जन्मदिन पर मनाए जाने वाला सुशासन दिवस पर भित्ति चित्रकला अंकित किया गया।
दीवार पर भारत के मैप अंकित कर लिखा गया सुशासन से ही भारत बन सकता है आत्म निर्भर, हर भारतीय बने आत्म निर्भर।

केन्दुआ के रहनेवाली और धनबाद के गुरु नानक कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्रा नंदनी कुमारी ने कहा कि ” आज क्रिसमस डे ( बड़ा दिन) में बस्तकोला के चित्रकला शिविर में शामिल हो कर बहुत अच्छा लगा। आमतौर पर हमारा इलाका कोयले से जुड़े कामों से भरा रहता है । कोयलांचल के दीवार चित्रकला सभी के लिए बहुत खुशी देने वाला है ” ।

ये दौरान फ्रांस के संस्था एसोसिएशन ऑन द वे तो स्कूल की तरफ से पिनाकी रॉय ने झरिया के लिलोरी पथरा के बच्चों 15 स्वेटर दिए हैं। सर्दियों में स्वेटर पाकर बच्चे खुश थे।

झरिया के सामाजिक कार्यकर्ता तथा सीसीसी के संस्थापक पिनाकी रॉय ने कहा कि, ” हमलोग सीसीसी के तरफ से कलाकार संजय पंडित के देखरेख में कोयलांचल हर साल सर्दी के मौसम में भारत के परंपरा के अनुसार 20 -22 दीवार पर भित्ति चित्रकला शिविर आयोजित करतें है, जो समाज में सुंदरता बढ़ाने के साथ आम आदमी के संचेतना बढ़ाने के काम करता। “

इस अवसर पर शिक्षक पिनाकी रॉय, कलाकार संजय पंडित, शिक्षिका मौसमी राय, सुमन कुमारी राजवीर कुमार, संजना कुमारी, मुस्कान कुमारी, राधिका कुमारी, नंदनी कुमारी, पप्पू कुमार, जिया कुमारी, दुर्गा कुमारी, दुर्गी कुमारी, सिमरन कुमारी, चांदनी कुमारी आदि उपस्थित थे,

ANP के लिए झरिया अरबिंद सिंह बुंदेला की रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *