जब दुनिया के ताकतवर नेता गाजा में शांति के लिए मिस्र के शहर शर्म अल-शेख में सिर खपा रहे थे, तो उसी समय तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से एक अलग मुद्दे पर बहुत गंभीर बात हो रही थी। दरअसल एर्दोगन ने प्लेन से उतरते ही मेलोनी को नसीहत दी कि “अपनी सेहत के लिए स्मोकिंग छोड़ दो!” मेलोनी ने हंसते हुए जवाब दिया, “मैं जानती हूं, लेकिन अगर मुझे सिगरेट छोड़नी पड़ी तो मैं किसी को मार डालूंगी!” फ्रेंच प्रेसिडेंट एमैनुएल मैक्रों ने बीच में टांग अड़ाई और बोले “ये तो नामुमकिन है!” फिर क्या था… सारा सीन वायरल हो गया। अब सवाल ये है कि आखिर 48 साल की ‘फायरब्रांड’ लीडर स्मोकिंग क्यों करती हैं? क्यों नहीं छोड़ पा रही? और ताजा ड्रामा क्या है? चलिए समझते हैं।
स्मोकिंग का ‘डिप्लोमैटिक’ कनेक्शन: नेताओं से ‘बॉन्डिंग’ का राज
मेलोनी की जिंदगी एक हॉलीवुड मूवी जैसी है- गरीबी से उठकर इटली की पहली महिला पीएम बनीं। लेकिन सिगरेट? उससे तो उनकी ‘पुरानी दोस्ती’ है। अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘आई एम जॉर्जिया’ में मेलोनी ने कबूल किया कि उन्होंने 13 साल पहले स्मोकिंग छोड़ दी थी। लेकिन हाल ही में फिर शुरू कर लिया। क्यों? क्योंकि वे कहती हैं कि “ये मुझे दूसरे नेताओं से जोड़ती है!” बता दें कि इस ऑटोबायोग्राफी की प्रस्तावना पीएम मोदी ने लिखी है!
मेलोनी ने खुलासा किया कि उनकी इस आदत ने उन्हें ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद जैसे कई वैश्विक नेताओं के साथ रिश्ते बनाने में मदद की है। एक किताब में इंटरव्यूज के दौरान उन्होंने कहा, “सिगरेट छोड़ी तो मैं कम सोशल हो जाऊंगी- और वो तो बुरा ही होगा!”
क्यों नहीं छोड़ पा रही? ‘क्रेविंग’ का क्राइम सीन!
मेलोनी ने साफ कहा है कि स्मोकिंग छोड़ना ‘लगभग नामुमकिन’ है। यूक्रेन वॉर, माइग्रेशन, यूरोपीय यूनियन की अड़चनों जैसी तनाव भरी जिंदगी में सिगरेट उनका कथित ‘स्ट्रेस बस्टर’ माना जाता है।
हाल ही में एक वाइन फेयर पर उन्होंने शराब के बारे में भी खुलासा किया। उन्होंने कहा, “मैं एंजॉय करती हूं, लेकिन खाली पेट कभी नहीं!” लेकिन स्मोकिंग? वो तो उनके लिए ‘हैबिट’ से ऊपर है। वैसे इटली में 20% लोग (1 करोड़ से अधिक) स्मोक करते हैं, तो वो अकेली थोड़ी ना हैं। “धूम्रपान आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।”
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

