पलामू के वन में लौटा शेरदिल बाघ……

पलामू के वन में लौटा शेरदिल बाघ……

झारखंड(JHARKHAND): झारखंड के धड़कते दिल पलामू टाइगर रिजर्व की घनी हरियाली में पत्तों की सरसराहट में एक नई गूंज घुल गई है, करीब चार साल का एक जवान नर बाघ इन जंगली इलाकों में दिखाई दिया है। हाई रेजोल्यूशन कैमरे में उसकी शानदार और दबंग चाल कैद हुई, मानो सदियों से सोये जंगल ने फिर से अपनी सांसों में शेरदिल की दहाड़ महसूस की हो। नये बाघ की आमद के साथ ही पूरा रिजर्व हाई अलर्ट पर है। वनकर्मी और अतिरिक्त कैमरे अब उस इलाके की निगहबानी कर रहे हैं जहां यह बाघ शाही ठाठ में हौले-हौले घूम रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नये मेहमान के आने से रिजर्व में बाघों की संख्या सात तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बाघ शायद बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान (मध्य प्रदेश) या छत्तीसगढ़ के जंगलों से पलामू पहुंचा है। यह वापसी किसी चमत्कार से कम नहीं। 2018 में इस रिजर्व में बाघों की संख्या शून्य थी। फिर वक्त ने करवट ली, 2020 में एक मृत बाघिन मिली, 2021 में पहली बार एक जीवित बाघ देखा गया, मार्च 2023, नवंबर 2023, जनवरी 2024, जुलाई 2025 और अब अक्टूबर 2025 में सातवां बाघ रिजर्व में नजर आया है। उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने मीडिया से कहा, यह हमारे जंगलों के लिये शुभ संकेत है। बाघों की वापसी से पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है। वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि बाघ और इंसान के बीच कोई टकराव न हो, क्योंकि जंगल तभी जिंदा रहता है जब उसमें बाघ और आदमी, दोनों की जगह हो।

NEWSANP के लिए झारखंड से ब्यूरो रिपोर्ट

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