स्वदेशी तकनीक के माध्यम से भारत रेलवे के क्षेत्र में निर्माता से निर्यातक बन चुका है। अब वैश्विक स्तर पर भारत में निर्मित रेल इंजन और कोच की मांग अब अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों से आ रही है।
रेलवे अब वंदे भारत का अगला संस्करण लाने की तैयारी में है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित 16वें अंतरराष्ट्रीय रेल उपकरण प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ा रेलवे प्रदर्शनी है।
रेलमंत्री ने कहा कि विकसित भारत विजन के तहत वर्ष 2047 तक लगभग सात हजार किमी लंबे समर्पित यात्री कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। ये कॉरिडोर अधिकतम 350 किमी प्रतिघंटा और परिचालन गति 320 किमी प्रतिघंटा तक के लिए डिजाइन किए जाएंगे। ये पूरी तरह स्वदेशी सिग्नलिंग सिस्टम और आधुनिक आपरेशन कंट्रोल सेंटर से सुसज्जित होंगे।
उन्होंने कहा कि अगले 18 महीनों में वंदे भारत-4 लाने का लक्ष्य है, जो प्रदर्शन और यात्री सुविधा के हर पहलू में वैश्विक मानक स्थापित करेगी। नए संस्करण में बेहतर टॉयलेट्स, आरामदायक सीटें और उच्च गुणवत्ता वाले कोच होंगे, ताकि यह ट्रेन दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यात्री ट्रेन के रूप में पहचानी जाए।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

