आज के डिजिटल युग में लोग छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए गूगल पर हेल्पलाइन नंबर सर्च करना आम बात हो गई है। लेकिन इसी आदत का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं। गूगल रिजल्ट्स और सोशल मीडिया पर नकली कस्टमर केयर नंबर डालकर ये अपराधी लोगों से बैंक डिटेल लेकर मिनटों में अकाउंट खाली कर रहे हैं।
कैसे काम करता है यह फ्रॉड?
ठग खुद को कस्टमर केयर एग्जिक्यूटिव बताकर ग्राहक से ओटीपी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, यूपीआई पिन जैसी जानकारी मांग लेते हैं। कई मामलों में वे यूजर को AnyDesk या QuickSupport जैसे स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। जैसे ही यूजर इस जाल में फंसता है, उसके अकाउंट से तुरंत पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं।
किन सेवाओं को बनाया जा रहा है टारगेट
साइबर ठग मुख्य रूप से बैंक और यूपीआई सेवाएं, Amazon और Flipkart जैसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म, मोबाइल और DTH कंपनियां, ट्रैवल बुकिंग साइट्स और ई-वॉलेट ऐप्स को निशाना बना रहे हैं। गूगल पर पेड ऐड्स डालकर ये ठग अपने नकली नंबर सबसे ऊपर दिखाते हैं, जिससे अनजान लोग आसानी से जाल में फंस जाते हैं।
बचाव के उपाय
ऐसी ठगी से बचने के लिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर जाकर ही कस्टमर केयर नंबर देखें। कभी भी ओटीपी, यूपीआई पिन या कार्ड डिटेल किसी को न बताएं। स्क्रीन शेयरिंग ऐप सिर्फ भरोसेमंद स्रोत से और आवश्यक होने पर ही इंस्टॉल करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, ईमेल या एसएमएस पर क्लिक करने से बचें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
भारतीय साइबर सेल लगातार नकली नंबर ब्लॉक कर रही है और बैंकों तथा ई-कॉमर्स कंपनियों ने ग्राहकों को अलर्ट करने के लिए नोटिफिकेशन और वॉर्निंग मैसेज भेजने शुरू कर दिए हैं। लेकिन सबसे बड़ा हथियार है जागरूकता। एक छोटी सी लापरवाही भी आपके पूरे बैंक बैलेंस पर भारी पड़ सकती है।

