05 दशक बाद लौटी खुशियां, झारखंड के नाला में 150 करोड़ की कोल प्रोजेक्ट को केंद्र ने दी मंजूरी..4000 लोगों का होगा रोजगार सृजन…

05 दशक बाद लौटी खुशियां, झारखंड के नाला में 150 करोड़ की कोल प्रोजेक्ट को केंद्र ने दी मंजूरी..4000 लोगों का होगा रोजगार सृजन…

जामताडा(JAMTADA):1. ऐतिहासिक पहल:

  • नाला विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात – KASTA (CENTRAL-WEST) NALA AREA COAL BLOCK परियोजना को मिली हरी झंडी।
  • केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल पर जल्द शुरू होगा खनन कार्य।

2. परियोजना की मंजूरी और पृष्ठभूमि:

  • वर्ष 2022 में झारखंड सरकार ने केंद्र सरकार से परियोजना की अनुमति मांगी थी।
  • राज्य मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी, साथ ही कोयला मंत्रालय ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आदेश जारी किया।

3. परियोजना का संचालन:

  • संचालन करेगी: झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (JSMDC) और आदिवासी खनन उद्कर्षण कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
  • एक निजी कंपनी को भी जोड़ा जाएगा (नाम तय नहीं)।

4. परियोजना क्षेत्र और भूमि अधिग्रहण:

  • कुल परियोजना क्षेत्र: 590 एकड़, जिसमें पहले चरण में 445 एकड़ का अधिग्रहण
  • संभावित उत्पादन: 30 मिलियन टन कोयला
  • कोयला ग्रेड: ‘C’ से ‘E’, गैर-खाना पकाने वाला।

5. राजस्व और रोजगार सृजन:

  • राज्य एवं केंद्र सरकार को हजारों करोड़ का राजस्व मिलने की संभावना।
  • 3000 से 4000 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलने की संभावना।

6. सामाजिक पहल और कानूनी संरक्षण:

  • संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम के तहत आदिवासी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
  • आदिवासी समिति के माध्यम से भूमि स्वामित्व और लाभ को संरक्षित रखा गया है।

7. खनन की प्रकृति और अनुमानित आयु:

  • खनन विधि: ओपन-कास्ट माइनिंग (खुली खदान)
  • खदान की संभावित आयु: 30 से 40 वर्ष

8. उपकरण और पूंजी निवेश:

  • कुल निवेश: 150 करोड़ रुपये
  • मशीनों और वाहनों में निवेश: 42.68 करोड़ रुपये
  • कार्यशील पूंजी और अन्य व्यय: 15 करोड़ रुपये
  • अचल संपत्तियों में निवेश: 92.32 करोड़ रुपये

9. उपकरण सूची और मूल्य:

  • 25 रॉक बॉडी टिपर: 27.5 करोड़
  • 5 खुदाई मशीनें (कैट, कोमात्सु आदि): 8.75 करोड़
  • डोजर, मोटर ग्रेडर, टैंकर, जेसीबी, बोलेरो इत्यादि – कुल लागत 42.68 करोड़।

10. ब्रेक-ईवन और लाभ का अनुमान:

  • ब्रेक-ईवन प्वाइंट: 6 लाख टन बिक्री
  • इसके बाद कंपनी को शुद्ध लाभ प्राप्त होना शुरू होगा।
  • कुल बीईपी लागत: 480 करोड़ रुपये

11. पर्यावरणीय और भौगोलिक विशेषताएँ:

  • औसत वर्षा: 1000 मिमी
  • तापमान सीमा: -5°C से 40°C
  • जल निकासी: अजय नदी द्वारा (पूर्वी सीमा पर)।

12. यातायात और लदान संपर्क:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: आसनसोल – 26 किमी
  • निकटतम हवाई अड्डे:
  • दुर्गापुर – 49 किमी
  • देवघर – 97 किमी
  • रांची – 239 किमी
  • कोलकाता – 224 किमी
  • लदान के लिए बंदरगाह: हल्दिया – 295-325 किमी (NH-19/NH-14 से)

13. वार्षिक उत्पादन योजना (प्रस्तावित):

  • वर्ष 1: 2.0 मिलियन टन
  • वर्ष 2: 2.5 मिलियन टन
  • वर्ष 3: 3.5 मिलियन टन
  • वर्ष 4: 5.0 मिलियन टन
  • वर्ष 5: 6.0 मिलियन टन
  • वर्ष 6: 8.5 मिलियन टन (प्रति वर्ष स्थिर)

14. परियोजना की अद्यतन स्थिति:

  • परियोजना पर अब तक 8 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
  • शेष निवेश आगामी महीनों में किया जाएगा।
  • आदिवासी समिति नए वित्तीय और तकनीकी भागीदार की तलाश में है, पूर्व साझेदार कंपनी अब सक्रिय नहीं।

15. राज्य सरकार की भूमिका:

  • झारखंड सरकार की ओर से कोयला मंत्रालय को पत्र भेजा गया
  • खनन की अंतिम स्वीकृति हेतु सभी प्रक्रिया 6-7 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य।
  • चुनाव प्रक्रिया इस परियोजना को प्रभावित नहीं करेगी – राज्य मंत्रिमंडल की स्पष्ट स्वीकृति है।है

निष्कर्ष:
KASTA (मध्य-पश्चिम) नाला कोल ब्लॉक परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास की गाथा लिखेगी, बल्कि रोजगार, राजस्व और आदिवासी सहभागिता के क्षेत्र में भी यह एक ऐतिहासिक मिसाल बनेगी। आने वाले वर्षों में यह परियोजना झारखंड के खनन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगी।

NEWSANP के लिए जामताड़ा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

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