पहलगाम की शांत वादियों में गूंजे आतंकी हमले के बाद भारत गुस्से में और एक्शन मोड में है। आतंक के सरपरस्त पाकिस्तान की बेचैनी अब साफ दिखाई दे रही है। चारों ओर से हो रही फजीहत के बीच पाकिस्तान, आतंक को संरक्षण देने के आरोपों से खुद को बचाने की नाकाम कोशिशों में जुटा है। भारत के कड़े रुख ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। बौखलाये पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर डाली, वह भी अपने पुराने साथी चीन का नाम घसीटकर। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रूस और चीन को बीच में लाने का प्रयास किया, ताकि किसी तरह अपनी गर्दन बचाई जा सके। मॉस्को के अमेरिकी विश्लेषक एंड्रयू कोरिबको ने भी पाकिस्तान के इन बेतुके दावों की धज्जियाँ उड़ा दीं। उन्होंने साफ कहा कि पर्यटकों का नरसंहार करना आतंकवाद है, न कि कोई आजादी की लड़ाई। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल संधि सहित कई मोर्चों पर दबाव बढ़ा दिया है। जवाब में पाकिस्तान ने भारत के विमानों के लिये अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला लिया है। लेकिन सच यही है कि आतंक को पनाह देने की कीमत पाकिस्तान को अब चुकानी ही होगी। पहलगाम की वादियों में बही निर्दोषों के लहू की गर्मी अब भारत के सीने में ज्वाला बनकर धधक रही है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

