गुंज महोत्सव’ हमारे समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है : राज्यपाल

राज्यपाल सी०पी० राधाकृष्णन ने आज सिल्ली, रांची में आयोजित ‘गूंज महोत्सव’ को संबोधित करते हुए कहा कि यह ‘गुंज महोत्सव’ हमारे समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।

यह सभी को उत्साह और मैत्रीपूर्ण भावना के साथ एक साथ लाने का कार्य करता है। गुंज महोत्सव एक महोत्सव मात्र तक सीमित न रहकर हमारी सामूहिक शक्ति का भी द्योतक है। यह महोत्सव बताता है कि विविध पृष्ठभूमि के बावजूद, हम हमेशा एक हैं और एक रहेंगे। विविधता में एकता हमारी विशिष्ट पहचान ही नहीं बल्कि बहुत बड़ी ताकत है।

यह हमारी विशिष्ट पहचान को बनाए रखने हेतु सभी को प्रतिबद्ध रहने हेतु कार्य करता है। इस महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ कई प्रतिभाओं व कौशलों को अपने कला का प्रदर्शन करने हेतु अवसर प्रदान करती हैं।


राज्यपाल महोदय ने कहा कि इस तीन दिवसीय ‘गूंज महोत्सव’ में आज का दिन महिलाओं को समर्पित है, अक्सर कहा जाता है कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवता वास करते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं को प्राचीन काल से ही अत्यधिक सम्मान दिया जाता रहा है। वे हमारी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक प्रणालियों के रीढ़ के रूप में रही हैं। महिलाओं ने कला, साहित्य एवं दर्शन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित की है। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और एक अमिट छाप छोड़ी। आज महिलाएं न केवल सामाजिक व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं,

बल्कि प्रभावशाली नीति-निर्माता के रूप में सामने आ रही हैं।
राज्यपाल महोदय ने कहा कि प्रसन्नता है कि झारखंड की महिलाएं परिश्रमी हैं। प्रदेश के सभी 24 जिलों के विभिन्न ग्रामों के भ्रमण के दौरान देखा कि किस प्रकार वे स्वयं सहायता समूहों से सक्रियता से जुड़कर अच्छा कार्य कर रही हैं। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदना अधिनियम’ राष्ट्र को समर्पित करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया।


इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। उन्होंने गूंज महोत्सव के सफल आयोजन और सभी के समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

NEWS ANP के लिए रांची से V SIngh की रिपोर्ट..

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