झरिया(JHARIYA)झरिया: प्रभु श्रीकृष्ण का बालरूप सबका मनभावन है। सोमवार को कोयलांचल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धापूर्वक मनाया गया। ऐतिहासिक शहर झरिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार लगभग 100 वर्षो से मनायी जा रही है। पहले यह पर्व घरों, मंदिरों में अधिकांशत: मनाया जाता था। यह परंपरा आज भी जारी है। आधुनिकता के कारण इस पर्व में भक्तों ने थोड़ा बदलाव लाया है।
हालांकि उनकी श्रद्धा में आज भी कमी नहीं आई है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रभु श्रीकृष्ण के जन्मदिन की खुशी में केक काटना, आतिशबाजी करना, श्रीकृष्ण बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन जगह जगह किया गया। झरिया व आस पास क्षेत्र में जन्माष्टमी पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। झरिया के श्याम मंदिर में श्री कृष्ण बाल रूप का आकर्षक प्रदर्शनी लगी। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रागिनी सिंह ने लाल बाजार स्थित श्री श्याम मंदिर श्याम बाबा की पूजा अर्चना करते हुए परिवार समेत समस्त कोयलांचल वासियों के सुख समृद्धि की कामना की। वही मंदिर कमेटी के सदस्यो ने रागिनी सिंह को सम्मानित किया। रागिनी सिंह ने वहा मौजूद श्रद्धालुओं को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दी।
झरिया के चिल्ड्रेन पार्क स्थित राम जानकी मंदिर, लाल बाजार स्थित सत्यनारायण मंदिर , कीर्तन भवन स्थित राधा कृष्ण मंदिर , कोयरिबांध स्थित पंचदेव मंदिर , चार नंबर टैक्सी स्टैंड स्थित मां मंगला चंडी मंदिर समेत कई मंदिरों को रंग बिरंगी विद्युत लाइटों से सजाया गया है। प्रदर्शनी के माध्यम से बाल श्री कृष्ण का जन्म, गोपियों संग रास लीला, माखन चोरी सहित अन्य प्रसंगों को दर्शाया गया है। सोमवार की शाम से देर रात तक यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे रहे। देर रात तक भजनों की श्रृंखला जारी रही। मंदिर से जुड़े शिव कुमार अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में 1983 से ही पर्व को मनाया जा रहा है। मंदिर को फूलों व बैलून से सजाया जाता है। रात में प्रभु के जन्म के दौरान पूजा-अर्चना होती है। रात 12 बजे प्रभु के जन्म के समय केक काटा जाता है। खुशी में खूब आतिशबाजी की जाती है। सैकड़ों लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है।
NEWS ANP के लिए झरिया से भोला बाउरी की रिपोर्ट..