झरिया(JHARIYA)झरिया।प्रख्यात साहित्यकार,उपन्यासकार, लेखक कवि एवं साहित्य के निर्माता कहानीकार मुंशी प्रेमचंद की 144 वीं जयंती के अवसर पर मनबाद झरीया स्थित कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता नारायण चक्रवर्ती ने की। सर्वप्रथम प्रेमचंद के चित्र पर दलित शोषण मुक्ति मंच के वरिष्ठ साथी शिवबालक पासवान ने माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
वक्ताओं ने प्रेमचंद के साहित्य में आज भी पूर्व की तरह शोषण, उत्पीड़न, गरीब, किसान, मजदूरों की समस्या समाज में दिखाई पड़ रही है। आज जिस साहित्यकारों ने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में लेखन किया। वर्तमान शिक्षा नीति उनकी उपेक्षा कर रही है। प्रेमचंद से लेकर राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, निराला, शरतचंद्र तथा अन्य मुर्धन्य साहित्यकारों को किताबों से अलग कर दिया गया है। वक्ताओं ने इस पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए। साहित्य गतिविधियों पर जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। साहित्य ही समाज का दर्पण है। इसे परिष्कृत किया जाएगा अन्य अथवा वक्ताओं में भगवान दास पासवान, जियाउल रहमान, एडवोकेट सुभाष प्रसाद तथा अन्य साथी उपस्थित थे।
NEWSANP के लिए झरिया से अरविंद सिंह बुंदेला की रिपोर्ट