झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें यह स्पष्ट है कि नेताओं को अपनी योजनाओं पर over confidence नहीं होना चाहिए धरातल पर जायजा लेते रहना चाहिए की योजनाएं कितने हद तक लागू हुई है और उसका लाभ जनता को मिल रहा है या नहीं वरना जग हसाई हो जाती है
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ हेमंत सोरेन सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को लेकर गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड माल निस्तरा पंचायत में पहुंचे,वहां छात्राओं से सवाल करते हैं की योजना के तहत साइकिल का पैसा छात्राओं को मिला या नहीं तो छात्राएं भीड़ में बैठे जवाब देती है “नहीं मिला” उसके बाद हेमंत सोरेन अधिकारियों से पूछते हैं फिर बात को टालते हुए कहते हैं यहां नहीं आपके खाते में साइकिल का पैसा चला जाएगा।
जिसके बाद फिर हेमंत सोरेन अगला सवाल करते हैं छात्राओं से पूछते हैं की सावित्रीबाई फुले योजना का लाभ मिला है या नहीं तो फिर भीड़ में बैठी छात्राएं कहती है “नहीं” उत्तर में मुख्यमंत्री कहते हैं कि जिनको मिल गया अब जो बच गए हैं उनके लिए नियम नहीं है
अब यह वीडियो लोगों के लिए हंसी का पात्र बन चुका है। साथ ही साथ ही विपक्ष द्वारा यह सवाल किया जा रहा है की योजनाओं का लाभ अगर देना नहीं है पूछा क्यों जा रहा है
और यह भी कहां जा रहा है कि कम से कम इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री को होनी चाहिए थी की योजनाएं कितनी लागू है और उसे कार्यक्रम में उपस्थित उन लोगों तक वह योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं ऐसे में जनप्रतिनिधियों को राजनीति से अलग योजनाओं जानकारी रखनी चाहिए कि वह राज्य के लोगों तक पहुंच रही है या नहीं वरना इसी प्रकार इज्जत हसाए की पात्र बन जाएंगे।
NEWS ANP के लिए धनबाद से अंजलि की रिपोर्ट…