
बिहार बीजेपी के कद्दावर नेता सुशील मोदी का दिल्ली एम्स में निधन हो गया. वो कैंसर से जूझ रहे थे. इसका जिक्र उन्होंने कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया X पर किया था.
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी का 72 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली. सुशील मोदी का नाम जब दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं हुआ तभी उन्होंने बताया था ”पिछले 6 माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूँ. अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है. लोकसभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊँगा. पीएम को सब कुछ बता दिया है. देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित।
72 साल की उम्र में निधन : सुशील मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को पटना में हुआ था. बिहार के जाने माने नेता थे. भारतीय जनता पार्टी में बतौर नेता और बिहार के तीसरे उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इसके अलावे बिहार के वित्त मंत्री भी रह चुके हैं. सोमवार की शाम उनका निधन हो गया।
संघर्ष भरा रहा जीवन – बी.एन. कॉलेज से पटना बीएससी से पढ़ाई छोड़ कर जय प्रकाश नारायण के साथ आंदोलन में कूद गए थे. यहीं से इनका राजनीतिक करियर शुरू हो गया था. 1990 में सक्रिय रूप से राजनीति में आए. पहली बार पटना के कुम्हार विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे. वह बिहार से राज्यसभा सांसद भी रह चुके थे. सुशील मोदी बिहार की राजनीति में एक बड़ा चेहरा था.भाजपा ने बिहार विधानसभा दल के मुख्य सचेतक बनाया था।
सुशील मोदी का राजनीतिक सफर -1996 से 2004 तक बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे थे. 2004 में ही भागलपुर लोकसभा सीट से सांसद बने और पहली बार सदन पहुंचे थे. 2005 में बिहार में एनडीए की सरकार बनी और सुशील मोदी को विधानमंडल दल का नेता चुना गया. उन्होंने बाद में सांसद के पद से इस्तीफा देकर बिहार के उपमुख्यमंत्री बने।
चारों सदन के रह चुके हैं सदस्य -सुशील मोदी ऐसे सदस्य रहे हैं जो कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के रह चुके हैं. सुशील मोदी 2010 में भी एनडीए की सरकार में बिहार में डिप्टी सीएम बने थे. हालांकि इसके बाद इन्हें राज्यसभा भेजा गया. था. इसी साल 2024 में इनका कार्यकाल समाप्त हो गया था. लोकसभा चुनाव में भी भूमिका नहीं निभाने की बात कही थी. उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल के जरिए कहा था कि वे कैंसर से पीड़ित हैं।