सूर्यदेव बाबू के परिवार से अलग हो कर बना चौथा श्रमिक संगठन.. रमाधीर सिंह फैमिली ने भी “राष्ट्रीय जनता कामगार संघ” का नया यूनियन बनाया …

धनबाद(DHANBAD): झरिया के पूर्व विधायक रहे सूर्य देव सिंह के परिवार से अब चौथ श्रमिक संघ बना है सूर्य देव के अनुज रामधारी सिंह की फैमिली ने भी एक नया श्रमिक संघ बना लिया है नाम दिया गया राष्ट्रीय जनता कामगार संघ।

समाचार पत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संघ के अध्यक्ष रामाधीर सिंह की पत्नी का पूर्व मेयर इंदु सिंह बनाई गई है जबकि बहू आशनी सिंह महामंत्री बनी है, NEWS ANP से बात करते हुए आसनी सिंह ने बताया कि जल्द ही यूनियन का विस्तार किया जाएगा संघ की कमेटी या बीसीसीएल , सीसीएल के साथ सेल समेत अन्य संस्थाओं में गठित की जाएगी संघ का प्रधान कार्यालय पृथ्वी मेंशन में बनाया गया है

संघ के अध्यक्ष और महामंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में केंद्रीय कार्य समिति के पदाधिकारी बस सदस्यों को मनोनीत किया गया । संघ के केंद्रीय कमेटी में 11 पदाधिकारी व 13 सदस्य शामिल है।

क्यों पड़ी अलग श्रमिक संघ बनाने की जरूरत…?

नए यूनियन की महामंत्री आसनी सिंह के अनुसार अलग श्रमिक संघ के गठन का प्रमुख कारण उन श्रमिकों से है जिनका काम नहीं हो रहा था , ख़ास तौर से जो लंबे समय से रामाधीर बाबू से जुड़े थे इन श्रमिकों का भी दबाव था …रामाधीर सिंह के आदेश पर ही राष्ट्रीय जनता कामगार संघ का गठन किया गया है

अलग श्रमिक संघ बनाने की तैयारी 6 माह से चल रही थी निबंधन की प्रक्रिया पूर्ण होने का इंतजार किया जा रहा था

निबंधन होने के पर इसकी विधिवत् घोषणा की गई ..अब श्रमिकों की समस्याओं को दूर करना प्राथमिकता होगी जल्द ही सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा।

बता दे कि संघ की महामंत्री आशनी सिंह के द्वारा घोषित केंद्रीय कमेटी में तीन उपाध्यक्ष दो केंद्रीय सचिव और तीन संगठन सचिव बनाए गए हैं जितेंद्र स्वामी अजय सिंह विनय कुमार सिंह को उपाध्यक्ष प्रशांत कुमार व संजीव कुमार तिवारी को केंद्रीय सचिव कौशल सिंह आलोक वर्मा और आशीष भानु सिंह को संगठन सचिव एवं सुशील कुमार सिंह कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया है इसके अलावा 13 लोग को कमेटी मैं सदस्य बनाया गया है।

एक नज़र जनता मजदूर संघ का इतिहास…

एकीकृत बिहार में झरिया विधानसभा में पहली बार विधायक बने श्रमिक नेता बाबू स्व.सूर्य देव सिंह ने 1977 में जनता मजदूर संघ की स्थापना की थी उस समय मधु दंडावते अध्यक्ष और सूर्य देव सिंह महामंत्री थे उसे समय सूर्य देव सिंह ,बच्चा सिंह रामाधार सिंह , राजन सिंह समेत अन्य भाई संयुक्त रूप से साथ साथ रहा करते थे।

2006 में बच्चा सिंह ने जमंस के नाम से ही एक अलग संगठन बना लिया अध्यक्ष पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी व बच्चा सिंह खुद महामंत्री बने असली वह नकली संघ को लेकर लंबे समय तक विवाद चल श्रम न्यायालय का फैसला भी आया लेकिन दोनों समानांतर कमेटी आज भी चल रही है।

इधर बच्चा सिंह द्वारा अलग श्रमिक संगठन बना लेने के बाद जमसं का नेतृत्व कुंती देवी ने संभाली कुंती सिंह महामंत्री तो रामधीर सिंह अध्यक्ष बने बाद में झारखंड ट्रेड यूनियन रजिस्टर के आदेश पर रामधीर को अध्यक्ष पद से हटना पड़ा उसके बाद संघ का पुनर्गठन हुआ।

जमसं में सब कुछ ठीक था इसी बीच पूर्व डिप्टी में नीरज सिंह की हत्या के आरोप में विधायक रहते संजीव सिंह को जेल जाना पड़ा ,सिद्धार्थ गौतम उर्फ़ मनीष सिंह को जमसं का महामंत्री बनने के बाद सिंह मैंशन में पारिवारिक खटास ज्यादा बढ़ गया..पहले आसनी सिंह ने अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाते हुए जनता मजदूर संघ से इस्तीफा दिया उसके बाद संजीव सिंह की धर्मपत्नी सह बीजेपी नेत्री रागिनी सिंह ने एक नया यूनियन जनता श्रमिक संघ खड़ा कर दिया …इस प्रकार जनता मजदूर से अलग हो कर अब तक चार यूनियन बन चुके है…परिवार टूटने के साथ ही यूनियन में बिखराव आ गया है..अब सभी अपने अपने यूनियन के माध्यम से श्रमिक नगरी धनबाद में अपनी सियासत का रास्ता खुद तैयार करने में जुटे है…

NEWS ANP के साथ अंजलि चक्रवर्ती की रिपोर्ट…

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