भारतीय सेना में अधिकारियों और जवानों की कमी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने संसद की रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के सामने अहम जानकारी साझा की है।
उन्होंने बताया कि अब सेना में पारंपरिक भर्ती के बजाय **** के तहत जवानों की भर्ती की जा रही है, और अगले दो से तीन वर्षों में बलों में मौजूद कमी को काफी हद तक पूरा कर लिया जाएगा।
CDS के मुताबिक, अग्निवीर मॉडल के अनुसार इस वर्ष के अंत तक भर्ती किए गए जवानों में से लगभग 75 प्रतिशत सेवा मुक्त हो जाएंगे, जबकि 25 प्रतिशत को प्रदर्शन के आधार पर स्थायी रूप से सेना में शामिल किया जाएगा।
आपको बता दें कि इस साल नवंबर में के पहले बैच के करीब 2600 अग्निवीरों के चार साल पूरे होने जा रहे हैं। यह पहला मौका होगा जब अग्निवीरों का बैच सेवा अवधि पूरी कर बाहर आएगा।
इसके बाद अगले साल की शुरुआत में और के पहले बैच के अग्निवीर भी अपनी सेवा पूरी करेंगे।
सरकार और सेना को उम्मीद है कि इस नई भर्ती प्रणाली से न केवल बलों की संख्या संतुलित होगी, बल्कि एक युवा और आधुनिक सैन्य ढांचा भी तैयार होगा।
फिलहाल, अग्निवीर योजना को लेकर देशभर में चर्चा जारी है और इसके प्रभाव आने वाले समय में और स्पष्ट होंगे।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

