DESK: हाल ही में किश्तवाड़ की धरती एक बार फिर शौर्य की गवाही बनी। सुरक्षा बलों ने साहस और सूझबूझ के साथ आतंक के खिलाफ निर्णायक प्रहार किया और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों को ढेर कर दिया। यह केवल एक ऑपरेशन नहीं था, यह भारत की अटूट संकल्प शक्ति का प्रमाण था — कि जब भी देश की सुरक्षा पर आंच आएगी, जवाब प्रचंड होगा।
इस अभियान का सबसे भावुक और प्रेरक क्षण था हमारे वीर स्निफर डॉग टायसन का साहस। गोली लगने के बावजूद वह डटा रहा, अपने साथियों की रक्षा की और आतंकियों को भागने का मौका नहीं दिया। आज वह सुरक्षित है और स्वस्थ हो रहा है — लेकिन उसने फिर साबित कर दिया कि वर्दी केवल इंसान नहीं पहनते, वफादारी और वीरता भी वर्दी निभाती है।
भारत की धरती पर जन्म लेने वाले हर जवान, हर सैनिक और हर प्रहरी का एक ही संकल्प है —
…..देश पहले……
किश्तवाड़ के वीरों को सलाम।
टायसन जैसे बहादुर योद्धा को शत-शत नमन।
जय हिंद।
- कभी-कभी मनुष्य को जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान किसी पुस्तक से नहीं, बल्कि एक डॉग से भी मिल सकता है।
डॉग बोल नहीं सकता, पर उसके कर्म मनुष्य को बहुत कुछ सिखा जाते हैं।
मनुष्य को डॉग से क्या सीखना चाहिए?
निष्ठा (Loyalty) – “वफादारी बिना शर्त”
डॉग अपने मालिक के प्रति बिना किसी स्वार्थ के निष्ठावान रहता है।
वह यह नहीं देखता कि मालिक अमीर है या गरीब, सफल है या असफल।
वह केवल प्रेम पहचानता है।
उदाहरण:
Hachiko नामक डॉग जापान में अपने मालिक का वर्षों तक स्टेशन पर इंतज़ार करता रहा, जबकि उसका मालिक इस दुनिया में नहीं रहा था। यह केवल एक डॉग की कहानी नहीं, बल्कि निष्ठा की पराकाष्ठा है।
सीख:
मनुष्य को भी संबंधों में परिस्थितियों के अनुसार नहीं, बल्कि भावनाओं के आधार पर अडिग रहना चाहिए।
साहस (Bravery) – “छोटा शरीर, पर बड़ा दिल”
डॉग अपने परिवार की रक्षा के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं करता।
चाहे सामने कोई बड़ा खतरा हो, वह पीछे नहीं हटता।
उदाहरण:
Zanjeer फिल्म में दिखाया गया डॉग अपने मालिक की रक्षा के लिए अपराधियों से भिड़ जाता है।
और वास्तविक जीवन में भी अनेक पुलिस डॉग्स आतंकवादियों और अपराधियों से मुकाबला करते हुए शहीद हुए हैं।
सीख:
साहस का अर्थ शरीर की ताकत नहीं, बल्कि दिल की मजबूती है।
वर्तमान में जीना
डॉग कल की चिंता नहीं करता और न ही बीते हुए कल का बोझ उठाता है।
वह हर पल को पूरे उत्साह से जीता है।
सीख:
मनुष्य को भी अतीत की पीड़ा और भविष्य की चिंता से ऊपर उठकर वर्तमान का आनंद लेना चाहिए।
क्षमा और प्रेम
यदि आप कभी गलती से डॉग पर गुस्सा कर दें, तो भी वह थोड़ी ही देर में फिर आपके पास आ जाएगा — बिना किसी द्वेष के।
सीख:
रिश्तों में अहंकार से अधिक महत्व प्रेम और क्षमा का होना चाहिए।
भावनात्मक संदेश
डॉग हमें सिखाता है कि
“वफादारी दिखावे से नहीं, दिल से होती है।
और साहस शोर से नहीं, त्याग से पहचाना जाता है।”
मनुष्य यदि डॉग से केवल दो गुण सीख ले —
निष्ठा और साहस,
तो उसके रिश्ते भी मजबूत होंगे और उसका व्यक्तित्व भी अडिग होगा।
कभी-कभी ईश्वर सबसे गहरी सीख हमें उन प्राणियों से दिलवाता है,
जो बोल नहीं सकते…
पर जिनका प्रेम सबसे सच्चा होता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट
