बोकारो(BOKARO): अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की गाइडलाइंस के तहत आज सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बोकारो और गोड्डा में नवप्रवेशित छात्रों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) रांची के कुलपति प्रो. (डॉ.) डी. के. सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल करियर नहीं, बल्कि समाज निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने छात्रों से निरंतर मेहनत और नवाचार की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. उपेन्द्र प्रसाद, निदेशक, जी.ई.सी. बोकारो ने कहा कि यह चार वर्षों की यात्रा केवल अकादमिक नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी अवसर है। वहीं डॉ. एम. जी. तियारी, निदेशक, जी.ई.सी. गोड्डा ने इंजीनियरिंग शिक्षा को सामाजिक समस्याओं के समाधान का माध्यम बताया।
डॉ. पंकज राय, निदेशक, बी.आई.टी. सिंदरी ने छात्रों को शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रो. एस. बी. मिश्रा, प्राचार्य, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, भागा ने व्यावहारिक ज्ञान और प्रयोगशालाओं में सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।
इस अवसर पर डॉ. डी. के. तांती (डीन अकादमिक, बीआईटी सिंदरी), डॉ. निर्मला सोरेन (कंट्रोलर ऑफ एग्ज़ामिनेशन, JUT रांची), डॉ. आर. के. वर्मा (भौतिकी विभाग, बीआईटी सिंदरी), डॉ. धनश्वर महतो (प्रो. इंचार्ज यूजी अकादमिक, बीआईटी सिंदरी), और प्रो. सशी मिन्ज (प्रो. इंचार्ज एग्ज़ामिनेशन, बीआईटी सिंदरी) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने छात्रों को अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार, अनुशासन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. प्रशांत कुमार सिंह (ईसीई विभाग, बीआईटी सिंदरी) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इंडक्शन प्रोग्राम ने छात्रों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की तथा फैकल्टी और विद्यार्थियों के बीच सार्थक संवाद का अवसर बना।
NEWSANP के लिए भोला बाउरी की रिपोर्ट

