
सिंदरी(SINDRI):शहीद भगत सिंह सोसाइटी सिंदरी की सांस्कृतिक टीम का 25 वर्षों बाद भव्य महामिलन ऑफिसर्स क्लब, सिंदरी में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थापक काली सेन गुप्ता ने बताया कि इस सोसाइटी की स्थापना वर्ष 1983 में रेनबो क्लब के सहयोग से आरएमफोर कॉलोनी में की गई थी। इसका उद्देश्य युवाओं में शहीद भगत सिंह के देशभक्ति, आत्मबलिदान और सामाजिक चेतना के आदर्शों को जीवित रखना था।
सोसाइटी द्वारा प्रति वर्ष 23 मार्च को शहादत दिवस पर प्रभात फेरी, बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिता, एफसीआई अस्पताल में रक्तदान शिविर, मरीजों के बीच फल वितरण, और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध नाटक, गीत-संगीत तथा कविता पाठ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।
गरीब बच्चों की शिक्षा हेतु भगत सिंह मेमोरियल स्कूल तथा बेरोजगार युवकों के लिए कोऑपरेटिव संस्था की भी स्थापना की गई थी, जिससे एफसीआई की निविदाओं के माध्यम से छोटे पैमाने के कार्य उपलब्ध कराए जाते थे।
समय के साथ एफसीआई के बंद होने और लोगों के सेवानिवृत्ति के बाद सिंदरी की सांस्कृतिक गतिविधियों में कमी आई। किंतु सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पुराने सदस्य फिर से जुड़े और वर्षों बाद यह ऐतिहासिक महामिलन संभव हो सका।
8 से 10 नवंबर 2025 तक आयोजित इस मिलन समारोह में देशभर से पुराने सदस्य अपने परिवारों सहित शामिल हुए। रेनबो क्लब और सोसाइटी के सदस्यों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एफसीआई सिंदरी यूनिट प्रभारी देवदास अधिकारी थे। महिला समिति, एसएफआई, नौजवान सभा के पूर्व सदस्य और अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सभी को सम्मानित किया गया।
यह महामिलन न केवल पुरानी यादों को ताजा करने का अवसर बना, बल्कि समाजसेवा और सांस्कृतिक चेतना की उस मशाल को फिर से जलाने का प्रतीक भी बना, जिसे शहीद भगत सिंह सोसाइटी ने दशकों पहले प्रज्वलित किया था।
NEWSANP के लिए भोला बाउरी की रिपोर्ट

