लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों की गुंडागर्दी के खिलाफ झरिया के पत्रकारों का फूटा गुस्सा…

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों की गुंडागर्दी के खिलाफ झरिया के पत्रकारों का फूटा गुस्सा…

झरिया(JHARIA): हजारीबाग में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा एक पत्रकार के साथ की गई बर्बरतापूर्ण मारपीट की आग अब पूरे प्रदेश में फैल गई है। इस घटना के विरोध में झारखंड के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी कड़ी में बुधवार की शाम झरिया प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकारों ने अपनी आवाज बुलंद की और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंककर कड़ा विरोध किया। विरोध मार्च (पदयात्रा) झरिया प्रेस क्लब से निकाली गई, जो शहर के मुख्य मार्गों—धर्मशाला रोड और मेन रोड—से होते हुए देशबंधु सिनेमा घर के समीप पहुंची।प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने सरकार और मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया।

” पत्रकारों का आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं” : शैलेन्द्र जायसवाल

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे झरिया प्रेस क्लब के सचिव शैलेन्द्र जायसवाल ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि “हजारीबाग की घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने का प्रयास है। जब सरकार के रसूखदार मंत्री और उनके समर्थक पत्रकारों की आवाज दबाने के लिए हिंसा का सहारा लेंगे, तो आम जनता की फरियाद कौन सुनेगा? यह शर्मनाक है कि अपनी जान जोखिम में डालकर सच दिखाने वाले पत्रकारों को झारखंड में सम्मान के बदले मारपीट मिल रही है।”

प्रमुख मांगें: सुरक्षा और सम्मान की गुहार

प्रेस क्लब के सचिव ने सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि पत्रकार लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार मौन साधे बैठी है। पत्रकारों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को दोहराया:

पत्रकार सुरक्षा कानून: पत्रकारों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए अविलंब कठोर कानून लागू हो।

पत्रकार बीमा योजना: कार्यक्षेत्र में जोखिम को देखते हुए सभी पत्रकारों को उचित बीमा कवर मिले।

पत्रकार आवासीय योजना: प्रदेश के पत्रकारों के लिए आवासीय सुविधा सुनिश्चित की जाए।

झरिया के पत्रकारों ने साफ संदेश दिया है कि यदि हजारीबाग मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। पत्रकारों का कहना है कि वे “कोपभाजन” का शिकार अब और नहीं बनेंगे और अपने हक व सम्मान के लिए कलम के साथ-साथ सड़कों पर भी लड़ाई जारी रखेंगे। विरोध करने वाले में योगेश सोनी, अंकित झा, बनन झा, सनी शर्मा, जॉन मिर्ज़ा, गुड्डू वर्मा, मनोज शर्मा, अभिमन्यु कुमार, राजेश वर्मा, एहसान जख्मी, विकास साव, सुमित अरोड़ा, अखिलेश मिश्रा सहित अन्य पत्रकार मौजूद थे।

NEWSANP के लिए कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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