
धनबाद(DHANBAD ): धनबाद के पीके राय कॉलेज के समीप संचालित मनी कैफे स्टाफ क्वार्टर से नाबालिग सागर के लापता होने के मामले में अब कैफे संचालक अरुण नायर सामने आए हैं। प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने पूरे मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा कि सागर उनके यहां नौकरी मांगने आया था, लेकिन नाबालिग होने की वजह से उसे काम पर नहीं रखा गया। हालांकि उसके गांव पिंडराहाट के कई युवक पहले से कैफे में काम करते थे, इसलिए मानवीय आधार पर उसे स्टाफ क्वार्टर में रहने की अनुमति दी गई थी।
आगे अरुण नायर ने बताया कि 30 अप्रैल को सागर बिना किसी को सूचना दिए अचानक कहीं चला गया। उसी दिन उनका मैनेजर, जो खुद पिंडराहाट का रहने वाला है, गांव जाने वाला था और उसने सागर को साथ घर पहुंचाने की बात भी कही थी। लेकिन इससे पहले ही सागर स्टाफ क्वार्टर छोड़कर निकल गया।
संचालक ने दावा किया कि सागर के गायब होने के बाद उन्होंने अपने स्तर से काफी खोजबीन की और आसपास के लोगों से भी अपील की कि अगर सागर कहीं दिखे तो उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने में मदद करें।
गौरतलब है कि इससे पहले सागर के परिजनों ने सीडब्ल्यूसी पहुंचकर किशोर को खोजने की गुहार लगाई थी। परिजनों की शिकायत के बाद मामला चर्चा में आया, जिसके बाद अब मनी कैफे संचालक ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी सफाई पेश की है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

