ममता कुलकर्णी को इस साल महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसपर काफी हंगामा मचा था. इस वजह से एक्ट्रेस काफी चर्चा में रही थी. अब इस पूरे विवाद पर एक्ट्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. आइए आपको बताते हैं उन्होंने क्या कहा.
बॉलीवुड की पूर्व एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी अचानक चर्चा में आ गई थी, जब उन्हें महाकुंभ मेले में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया था. इसी साल जनवरी में किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने घोषणा की थी कि एक्ट्रेस आध्यात्मिक मार्ग पर चल पड़ी हैं और उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई है. इसपर काफी हंगामा हुआ था. बाद में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने ममता और लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को अखाड़े से बाहर कर दिया था. ऐसा इसलिए क्योंकि आरोप है कि लक्ष्मी नारायण ने बिना बाकी संस्थापक सदस्यों की मंजूरी के ममता को महामंडलेश्वर बनाया था. इस फैसले ने काफी विवाद मचा दिया था. अब इस पर एक्ट्रेस ने रिएक्शन दिया है.
महामंडलेश्वर बनने पर हुए विवाद पर ममता कुलकर्णी ने क्या कहा?
ममता कुलकर्णी ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि कुंभ में महामंडलेश्वर बनने का फैसला भगवान के हाथ में था, जो कि 140 साल में एक बहुत पवित्र मौका था. भगवान ने मुझे मेरी 25 साल की तपस्या का फल दिया और इसलिए वह सब हुआ. एक्ट्रेस करण अर्जुन जैसी सुपरहट फिल्मों के लिए जानी जाती है, जिसमें सलमान खान और शाहरुख खान के साथ उन्होंने काम किया था. साल 2000 में एक्ट्रेस ने फिल्म इंडस्ट्री को छोड़ दिया था और विदेश चली गई थी.
ऋषि अजय दास ने ममता को लेकर कहा- उनका आपराधिक इतिहास रहा है
ऋषि अजय दास ने 30 जनवरी को एक प्रेस रिलीज ने कहा था कि किन्नर अखाड़ा के संस्थापक होने के नाते मैं घोषणा करता हूं कि आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को तुरंत प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है. उनका नियुक्ति धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान के लिए की गई थी, लेकिन इन जिम्मेदारियों से वह भटक गई. अजय दास ने बताया कि ममता कुलकर्णी की नियुक्ति खासतौर पर चिंता का विषय थी क्योंकि उनका आपराधिक इतिहास रहा है.
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

