धनबाद(DHANBAD):बाघमारा के लोकप्रिय विधायक शत्रुघ्न महतो ने शून्यकाल सत्र में मनरेगा एवं रोजगार कर्मियों की विभिन्न मांगों को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन कर्मियों की वर्षों से लंबित समस्याओं का अविलंब समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा एवं रोजगार कर्मी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो अपनी मेहनत और समर्पण से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष से अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि मनरेगा कर्मचारियों संघ ने दिनांक 8.10.24 को सरकार से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय में 30% की वृद्धि, रोजगार सेवकों के लिए अलग से ₹1500 की राशि, ईंधन व्यय की प्रतिपूर्ति, जीवन बीमा एवं स्वास्थ्य बीमा की सुविधा तथा मानदेय के समय पर भुगतान की व्यवस्था शामिल थी। सरकार ने हड़ताल वापस लेने के लिए कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि सभी मांगों पर विचार कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिससे कर्मियों में असंतोष और नाराजगी व्याप्त है।
विधायक शत्रुघ्न महतो ने सरकार से यह भी कहा कि यदि जल्द से जल्द इन कर्मियों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न केवल उनकी आजीविका पर प्रभाव डालेगा, बल्कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना की प्रभावशीलता भी प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अविलंब इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक पहल करे और मनरेगा एवं रोजगार कर्मियों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराए, ताकि वे पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और कर्मियों के हक की लड़ाई को और मजबूती से लड़ा जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार अपने वादों को निभाएगी और इन कर्मियों के हितों की रक्षा करेगी।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

