भारत ने दूरसंचार क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India Mobile Congress 2025 में ऐलान किया कि भारत का पहला मेड-इन-इंडिया 4G स्टैक अब पूरी तरह तैयार है और इसे दूसरे देशों को भी एक्सपोर्ट किया जाएगा।
क्या है 4G स्टैक?
सरल भाषा में कहें तो ‘4G स्टैक’ मोबाइल नेटवर्क को चलाने की पूरी तकनीक होती है। इसमें मोबाइल टावर, रेडियो सिस्टम और वो सॉफ्टवेयर शामिल हैं जो इंटरनेट और कॉलिंग को नियंत्रित करता है। पहले भारत विदेशी कंपनियों की तकनीक पर निर्भर था, लेकिन अब अपने 4G स्टैक के जरिए भारत आत्मनिर्भर बन गया है।
भारतीय कंपनियों का योगदान
इस तकनीक को तैयार करने में कई भारतीय कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई। BSNL ने नेटवर्क लगाया, TCS ने सिस्टम इंटीग्रेशन किया, C-DOT ने कोर नेटवर्क बनाया और Tejas Networks ने टावर और रेडियो टेक्नोलॉजी विकसित की। सब मिलकर इस प्रोजेक्ट को ‘Bharat Telecom Stack’ नाम दिया गया।
गांव-गांव तक नेटवर्क
इस सिस्टम को अब तक 97,500 टावरों पर लगाया जा चुका है। इसके जरिए 26,700 से अधिक गांवों में तेज़ इंटरनेट और बेहतर कॉलिंग सुविधा पहुंची है। करीब 2.2 करोड़ लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। खास बात यह है कि ये टॉवर भविष्य में आसानी से 5G और 6G में अपग्रेड किए जा सकेंगे।
वैश्विक मानकों पर खरा
भारत का यह 4G स्टैक अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स पर आधारित है और किसी भी स्मार्टफोन के साथ आसानी से काम कर सकता है। BSNL ने दिल्ली में 4G सेवा शुरू कर दी है और जल्द ही मुंबई में 5G सेवा लाने की तैयारी में है।
भारत की बड़ी उपलब्धि
भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा 5 देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने खुद से पूरा 4G स्टैक विकसित किया है। यह उपलब्धि न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि विदेशों में तकनीक एक्सपोर्ट करके देश की आय भी बढ़ाएगी।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

