भारतीय संस्कृति की साझी विरासत के बीच बकरीद को लेकर जामताड़ा पुलिस सतर्क…

भारतीय संस्कृति की साझी विरासत के बीच बकरीद को लेकर जामताड़ा पुलिस सतर्क…

“पर्व केवल उत्सव नहीं, सामाजिक विश्वास और सौहार्द का सेतु भी”

जामताड़ा(JAMTADA): जामताड़ा में ईद-उल-जुहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण, गरिमामय और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय दिखाई दिया। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह ने स्वयं नारायणपुर एवं करमाटांड़ थाना क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नारायणपुर, मुरलीपहाड़ी टीओपी, कमलपुरा, लखनुडीह, कोरीडीह तथा करमाटांड़ क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने, वाहन जांच अभियान तेज करने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

मुरलीपहाड़ी टीओपी में उपलब्ध संसाधनों, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। वहीं करमाटांड़ थाना के औचक निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की स्वच्छता, लंबित शिकायतों के त्वरित निष्पादन और आम जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर विशेष बल दिया गया।

पर्वों की सार्वभौमिकता ही भारत की पहचान

ईद-उल-जोहा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, करुणा, समर्पण और मानवता का संदेश देने वाला उत्सव माना जाता है। भारतीय परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता यही रही है कि यहां पर्व-त्योहार किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का माध्यम बन जाते हैं।

भारत की सांस्कृतिक धारा में दीपावली की रोशनी, होली के रंग, ईद की मिठास, गुरुपर्व की सेवा और क्रिसमस की करुणा एक साथ बहती दिखाई देती है। यही वह “भारतीय मर्यादा” है, जहां विविधता संघर्ष नहीं बल्कि उत्सव बन जाती है।

सुरक्षा के साथ संवेदनशीलता का संदेश

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि पर्व के समय सभी प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी मुस्तैदी और शालीनता के साथ करें, ताकि लोगों में सुरक्षा के साथ विश्वास का वातावरण बना रहे।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा, पुलिस निरीक्षक रविन्द नाथ यादव, थाना प्रभारी मुराद हसन तथा विकास कुमार तिवारी सहित कई पुलिस अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे।

“सौहार्द ही सबसे बड़ी सुरक्षा”

विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी समाज में केवल पुलिस बल ही शांति नहीं बनाए रखता, बल्कि लोगों के बीच आपसी सम्मान और विश्वास भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

जामताड़ा पुलिस की यह पहल इसी सोच को मजबूत करती दिखाई दी कि त्योहारों का वास्तविक उद्देश्य केवल परंपराओं का निर्वहन नहीं, बल्कि समाज में भाईचारा, सहअस्तित्व और मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करना है।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने, सोशल मीडिया पर संयम बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर देने की अपील की है।

“जामताड़ा पुलिस सदैव आपकी सेवा में तत्पर” — यह संदेश केवल प्रशासनिक पंक्ति नहीं, बल्कि उस भारतीय भावना का प्रतीक बनता दिखाई दिया, जहां सुरक्षा और सद्भाव साथ-साथ चलते हैं।

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *